छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के बीच बीजेपी ने एक साथ कई नेताओं को पार्टी से निकाला

छत्तीसगढ़ बीजेपी से निष्कासित किए गए सबसे ज्यादा नेता बालोद जिले के हैं. इनमें खेदूराम साहू, भगवती साहू, मिथिलेश साहू और मुरली साहू शामिल हैं. इनके अलावा एक रायपुर शहर की नेता हैं और दूसरी सूरजपुर जिले की.

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023 के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने कई नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने इन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की वजह से छह साल के लिए बीजेपी से निष्कासित किया है. प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी केदार कश्यप ने यह आदेश जारी किया है. कश्यप ने कहा है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है. गुरुवार (9 नवंबर) को जिन छह नेताओं को बीजेपी ने निष्कासित किया है, उनमें तीन महिला हैं. कुछ लोगों को पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने की वजह से पार्टी से निकाला गया है, तो कुछ को अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने के आरोप में. निष्कासित किए गए सबसे ज्यादा नेता बालोद जिले के हैं. इनमें खेदूराम साहू, भगवती साहू, मिथिलेश साहू और मुरली साहू शामिल हैं. इनके अलावा एक रायपुर शहर की नेता हैं और दूसरी सूरजपुर जिले की. तीन महिलाएं बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने की वजह से पार्टी से निकालीं गईं हैं.

खेदूराम साहू पर पार्टी के खिलाफ प्रचार करने का आरोप

बालोद जिले के सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला संयोजक खेदूराम साहू को पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार-प्रसार करने के आरोप में निष्कासित किया गया है. कहा गया है कि आप संजारी बालोद क्षेत्र के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध प्रचार-प्रसार कर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं. यह गंभीर अनुशासनहीनता है. इसलिए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने आपको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है.

भगवती साहू बीजेपी के खिलाफ लड़ रहीं हैं चुनाव

बालोद जिले की ही भगवती साहू को भी पार्टी ने निष्कासित कर दिया है. नगर पालिका परिषद बालोद की पूर्व पार्षद प्रत्याशी भगवती साहू संजारी बालोद के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं हैं. उनको भी पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है. मिथिलेश साहू पर पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार-प्रसार करने का आरोप है. गुंडरदेही के मंडल मंत्री मुरली साहू बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. उनको भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.

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रामबाई देवांगन ने की बगावत

सूरजपुर जिला की महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष रामबाई देवांगन बीजेपी के उम्मीदवार के खिलाफ भटगांव विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहीं हैं. इसलिए रामबाई को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया गया है. रायपुर शहर की पूर्व जिला मंत्री सावित्री जगत ने भी पार्टी से बगावत कर दी है. वह रायपुर नगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहीं हैं. पार्टी ने उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनको बीजेपी से छह साल के लिए तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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