मेरठ: भाजपा नेता का कमरे में मिला शव, शरीर पर गोली लगने के निशान, पत्नी ने पुलिस को सौंपा तमंचा

मेरठ में भाजपा में युवा मोर्चा के क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी निशांक गर्ग की देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. निशांक के सीने में गोली लगा शव उनके घर में बेड पड़ा मिला. सीओ दौराला इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा समेत फोरेंसिक टीम ने किया मुआयना घर के बाहर लगी भाजपाइयों की भीड़.

Meerut : उत्तर प्रदेश के मेरठ से सनसनीखेज खबर सामने आई है. कंकरखेड़ा के कस्बा बाजार में न्यू गोविंदपुरी निवासी भाजपा में युवा मोर्चा के क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी निशांक गर्ग की देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. निशांक के सीने में गोली लगा शव उनके घर में बेड पड़ा मिला. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है. शव को कब्जे में लेकर मामले में छानबीन में जुट गई है. मृतक के घर के बाहर भाजपाइयों की भीड़ जुट गई.

फूफा ने लिया था गोद

कंकरखेड़ा में न्यू गोविंदपुरी में डीएवी स्कूल के पास निवासी भाजपा नेता निशांक गर्ग पुत्र स्वर्गीय आनंद कुमार गर्ग का मकान है. निशांक गर्ग के असली पिता का नाम स्वर्गीय राजेश गोयल है. आनंद कुमार गर्ग निशांत के फूफा हैं, जिनके 5 बेटी है. जब निशांक 5 दिन का था, तब फूफा आनंद कुमार गर्ग ने राजेश गोयल से उन्हें कानूनी प्रक्रिया के अनुसार गोद ले लिया था. वर्तमान में जिस घर में निशांक अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते है, वह मकान उनके फूफा यानि गोद लेने वाले पिता का मकान है.

सुबह जेठ के घर पहुंची थीं पत्नी

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की देर रात करीब 1:00 बजे निशांक और पत्नी सोनिया के बीच विवाद हुआ था. जिसके बाद पत्नी घर का मुख्य गेट पर ताला लगाकर थोड़ी दूर पर अपने मायके चली गई थी. शनिवार सुबह करीब 6:13 बजे सोनिया अपने मायके से निशांक के घर के पास रहने वाले अपने जेठ गौरव गोयल के घर पहुंची. जहां फोन कर उसने गौरव को कहा कि वह बाहर खड़ी है, गेट खोल दे. गौरव की पत्नी ने गेट खोला तो सोनिया ने अपने और निशांक के बीच हुए झगड़े की बात बताई.

सोनिया जेठ को लेकर अपने साथ घर पहुंची. घर पर पहुंचकर घर का ताला खोल अंदर कमरे में पहुंचे तो बेड पर सीने में गोली लगा निशांक का शव पड़ा था. शरीर पर बनियान और अंडरवियर था. तब तक सीने से निकला खून भी सूख चुका था. गौरव ने आस पड़ोस को सूचना दी. करीब 6:25 पुलिस को सूचना मिली. सीओ दौराला अभिषेक पटेल इंस्पेक्टर अजय कुमार पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे. फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर बुलाई गई. जांच पड़ताल की जिसके बाद शव मर्चरी पहुंचा दिया.

फरवरी 2014 में किया था प्रेम विवाह

निशांक गर्ग ने फरवरी 2014 में कंकरखेड़ा की अशोकपुरी निवासी सोनिया प्रजापति पुत्री संजय से प्रेम विवाह किया था. उस दौरान दोनों के स्वजन इस शादी से नाखुश थे. मगर धीरे-धीरे माहौल बदला तो दोनों के स्वजन ने शादी को स्वीकार किया. भाजपा नेता के 8 वर्षीय बेटा विधान और 5 वर्षीय बेटी का क्वाध है.

पुलिस को पत्नी सोनिया ने दिए बयानों में बताया है कि अक्सर पति से उसका झगड़ा होता रहता था. मगर एक-दो दिन में सब सामान्य हो जाता था. शुक्रवार देर रात करीब 1:00 दंपति में झगड़ा हुआ. पति नशे में थे. इस दौरान दोनों में मारपीट भी हुई. गुस्से में भाजपा नेता ने पत्नी के बाल काट दिए. जिसके बाद करीब 2:15 बजे पत्नी ने स्कूटी बाहर निकाली और दोनों बच्चों के साथ गेट का ताला बाहर से बंद कर अपने मायके अशोकपुरी चली गई.

मोबाइल और 315 बोर का तमंचा पत्नी सोनिया ने अलमारी में छुपाया

पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तब बेड और उस कमरे में कोई तमंचा या पिस्टल बरामद नहीं हुई. इंस्पेक्टर ने पत्नी सोनिया से पूछताछ की तो उसने अलमारी से 315 बोर का तमंचा और पति का मोबाइल निकाल कर दिया. सोनिया ने पुलिस को बताया कि वह सुबह जब घर आई थी तब वह डर गई थी. जिस वजह से उसने तमंचा बेड से हटा लिया था. तमंचा कहां से आया इस बारे में सोनिया कुछ नहीं बता सकी. कमरे में से शराब की खाली बोतल और गिलास भी मिला.

मासूम बच्चे अपने पिता की मौत से अनजान, दूसरे कमरे में सो रहे

घटनास्थल पर जब पुलिस और भीड़ पहुंची, तब दूसरे कमरे में भाजपा नेता का बेटा और बेटी सोफे पर सो रहे थे. उन मासूम को यह भी नहीं पता कि जब वह नींद से जागेंगे, तब पता चलेगा कि उनकी दुनिया उजड़ चुकी है. सिर से पिता का साया हट गया है. पड़ोसियों ने बताया कि भाजपा नेता अपने बच्चों और पत्नी से बेहद प्यार करते थे. घटना कैसे हो गई, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा.

भाजपा नेता का एक हाथ और एक पैर में डली थी रोड

वर्ष 2022 के कावड़ मेले के दौरान भाजपा नेता का खतौली में एक्सीडेंट हुआ था. कंकरखेड़ा के सरधना रोड स्थित लक्ष्य नर्सिंग होम में भाजपा नेता के एक हाथ और एक पैर का आपरेशन हुआ. जिसमें रोड डाली गई थी. तभी से भाजपा नेता का एक हाथ और पैर ठीक से काम नहीं करता था. वर्तमान में भी उनका उपचार चल रहा था. इसी कारण पुलिस और मृतक के स्वजन और भाजपाइयों को यह बात गले नहीं उतर रही कि आखिर भाजपा नेता अपने सीने में तमंचे से गोली मारकर कैसे आत्महत्या कर सकते हैं.

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Author: Sandeep kumar

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