बच्ची से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल की सजा, कुरकुरे का लालच देकर वारदात को दिया था अंजाम

दरभंगा : दरभंगा व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पोक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश संजय अग्रवाल की अदालत ने नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के एक मामले में आरोपित सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी लाल बचन सहनी के पुत्र तेतर सहनी को भादवि की धारा 376 (ए) (बी) में 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये आर्थिक दंड तथा पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई है. सभी सजा साथ-साथ चलेगी.

दरभंगा : दरभंगा व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पोक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश संजय अग्रवाल की अदालत ने नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के एक मामले में आरोपित सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी लाल बचन सहनी के पुत्र तेतर सहनी को भादवि की धारा 376 (ए) (बी) में 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये आर्थिक दंड तथा पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई है. सभी सजा साथ-साथ चलेगी.

अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए बिहार पीड़ित प्रतिकर संशोधन स्कीम के तहत आठ लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दिया है. अदालत ने आठ लाख की राशि में से चार लाख रुपया पीड़िता के नाम से फिक्स डिपाजिट करने का आदेश दिया है, जो बालिग होने पर उसे प्राप्त होगा. साथ ही चार लाख रुपये का खाता खुलवाने का आदेश दिया है, जिसके ब्याज की राशि से पीड़िता की परवरिश की जा सकेगी. मामले में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक डॉ विजय कुमार पराजित ने बहस किया.

छह दिसंबर को घटना को दिया गया था अंजाम

बच्ची के परिजन द्वारा छह दिसंबर 2019 को महिला थाना में कांड संख्या 62/2019 दर्ज कराते हुए आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म का आरोप लगाया था. आरोप लगाया गया था कि चार साल की अबोध बच्ची को कुरकुरे का लालच देकर तेतर सहनी एक दूसरे बच्चा के साथ अपने ई-रिक्शा पर बैठा कर आम के बगीचे में ले गया. वहां वह बच्ची के साथ दुष्कर्म करने लगा. इसी बीच पिता एवं चचेरा भाई बच्ची को खोजते-खोजते बगीचे के समीप पहुंचे.

रोने की आवाज सुनकर घटनास्थल पर गये तो देखा कि अभियुक्त बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था. इन लोगों को देखकर आरोपी भाग गया. बच्ची को डीएमसीएच में इलाज के लिए भर्ती कराया. अस्पताल में कई दिनों तक बच्ची जीवन एवं मृत्यु से जूझती रही. विशेष लोक अभियोजक डॉ पराजित ने बताया कि कांड के अनुसंधानकर्ता सीमा कुमारी ने छह दिनों में आरोप पत्र समर्पित किया था. मामले में अदालत द्वारा 16 दिसंबर 2019 को आरोपी के विरुद्ध संज्ञान लिया गया. नौ जनवरी 2020 को आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप गठन किया गया. अभियोजन की ओर से कुल 11 लोगों की गवाही हुई. अभियुक्त घटना के समय से ही मंडल कारा दरभंगा में काराधीन है.

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