गांधी जयंती पर बच्चों संग घूमने के लिए बेस्ट हैं गुजरात की ये जगहें, जानें पूरी डिटेल

Gandhi Jayanti 2023: गुजरात के पोरबंदर में महात्मा गांधी पैदा हुए थे. हर साल 2 अक्टूबर को गांधी का जन्मदिन मनाया जाता है. इस खास अवसर हम आपको बताएंगे गुजरात में घूमने लायक जगहों के बारे में. जहां आप अपनी फैमिली के साथ इस साल दो अक्टूबर के दिन बापू से जुड़ी जगहों पर घूम सकते हैं.

Gandhi Jayanti 2023: गुजरात भारत का एक प्रमुख राज्य है. जिसकी राजधानी गांधीनगर है. इसका इतिहास भी बहुत प्राचीन है. गुजरात के पोरबंदर में  महात्मा गांधी पैदा हुए थे. हर साल 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी का जन्मदिन मनाया जाता है. इस खास अवसर हम आपको बताएंगे गुजरात में घूमने लायक जगहों के बारे में. जहां आप अपनी फैमिली के साथ इस साल दो अक्टूबर के दिन बापू से जुड़ी जगहों पर घूम सकते हैं.

कोचरब आश्रम

कोचरब आश्रम (Kochrab Ashram) महात्मा गांधी के द्वारा स्थापित गुजरात में स्थित एक महत्वपूर्ण स्थल था. यह आश्रम महात्मा गांधी के सत्याग्रह और आध्यात्मिक अभियान का केंद्र था. इस आश्रम का स्थापना महात्मा गांधी ने 1915 में की थी, जब वह गुजरात के अहमदाबाद में लौटकर आए थे. यह आश्रम महात्मा गांधी के सत्याग्रह के आध्यात्मिक और आदर्श जीवन के आधार पर आधारित है. इस आश्रम में आज महात्मा गांधी के जीवन और उसके सत्याग्रह को संजोकर रखा गया है.

साबरमती आश्रम

इस साल 2 अक्टूबर के दिन आप अपनी फैमिली के संग साबरमती आश्रम जा सकते हैं. साबरमती आश्रम (Sabarmati Ashram) को महात्मा गांधी के द्वारा स्थापित किया गया था. यह आश्रम महात्मा गांधी के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय उनकी आधारशिला के रूप में कार्य किया. साबरमती आश्रम की स्थापना 25 मई, 1915 को महात्मा गांधी ने की थी. आश्रम का निर्माण दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद भारत में गांधीजी के पहले आश्रम के रूप में किया गया था. आश्रम को अहमदाबाद के कोचरब क्षेत्र में स्थापित किया गया था. 17 जून 1917 को आश्रम को साबरमती नदी के किनारे खुली जमीन के भूभाग पर स्थानांतरित कर दिया गया. तब से इसे साबरमती आश्रम के नाम से जाना जाता है. बता दें साबरमती आश्रम को सत्याग्रह आश्रम के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि सत्याग्रह आंदोलन की नींव यहीं से शुरू हुई थी.

स्टैचू ऑफ यूनिटी

“स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” (Statue of Unity) एक महत्वपूर्ण प्रतिमा है जो भारत के गुजरात राज्य में स्थित है. यह प्रतिमा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी और भारतीय एकता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित की गई है.इसकी ऊँचाई करीब 182 मीटर (597 फीट) है, और यह दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा है. यह प्रतिमा भारतीय एकता और एकत्रितता के प्रतीक के रूप में बनाई गई है और सरदार पटेल की महानता और उनके योगदान को सलाम करने के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए बनाई गई है. यह प्रतिमा गुजरात राज्य के नर्मदा नदी किनारे, केवडिया गांव के पास स्थित है. बता दें यह गुजरात का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है.

कांकरिया झील

कांकरिया झील अहमदाबाद में स्थित है. यह शहर की दूसरी सबसे बड़ी झील है. कांकरिया झील का निर्माण 1451 में हौज़-ए-कुतुब के रूप में किया गया था. हाल ही में इसे शहर के मनोरंजन स्थल के रूप में बदल दिया गया है. झील के किनारे बैलून सफारी, चिड़ियाघर, खिलौना ट्रेनें और मनोरंजन पार्क हैं. इस गांधी जयंती आप अपने बच्चों के साथ यहां घूमने जा सकते हैं.

द्वारका

इस साल गांधी जयंती के दिन आप द्वारका घूमने जा सकते हैं. द्वारका गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में स्थित एक प्राचीन नगर है. द्वारका भगवान कृष्ण द्वारा बसाई गई थी. 5000 वर्ष पूर्व भगवान कृष्ण ने मथुरा छोड़ने के बाद द्वारका नगरी बसाई थी. द्वारका में प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर है. इसका प्राचीन नाम कुशस्थली है. यहां एक और प्रमुख पर्यटन स्थल गोपी तालाब है. गोपी तालाब भगवान श्रीकृष्ण के बचपन की याद मानी जाती है. इसी जगह पर भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के साथ रासलीला किया करते थे.

सोमनाथ मंदिर

सोमनाथ मंदिर के गुजरात राज्य के वेरावल बंदरगाह के पास स्थित है. यह भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला है. यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसकी ऊंचाई लगभग 155 फीट है. इस मंदिर की महिमा महाभारत, श्रीमद्भागवत, स्कंद पुराण और ऋग्वेद में वर्णित है. ऐसा माना जाता है कि चंद्रदेव ने इस शिवलिंग की स्थापना की थी. सोमनाथ मंदिर को 17 बार नष्ट किया गया है और हर बार इसका पुनर्निर्माण कराया गया.

पोरबंदर बीच

पोरबंदर बीच गुजरात के पोरबंदर जिले में है. पोरबंदर बीच अपनी सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है. यह गुजरात में सबसे अधिक देखी जाने वाली जगहों में से एक है. पोरबंदर महात्मा गांधी का जन्मस्थान भी है. पोरबंदर में गांधीजी के जीवन से जुड़े कई स्थान हैं जो दर्शनीय स्थलों में बदल गए हैं. बता दें आप इस बीच पर मछली पकड़ने और वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियाँ भी कर सकते हैं. यहां में कई अन्य पर्यटन स्थल भी हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shweta Pandey

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >