Bengal Election 2021: ममता की पार्टी तृणमूल ने 6 भाषा में जारी किया 66 पन्ना का घोषणा पत्र ‘दीदी के 10 अंगीकार’

तृणमूल के घोषणा पत्र को ‘दीदीर 10 ओंगीकार’ (दीदी के 10 अंगीकार) नाम दिया गया है. दावा किया गया है कि इन 10 वादों से बंगाल के एक-एक व्यक्ति के जीवन में बदलाव आयेगा. ममता बनर्जी की अगुवाई में इन योजनाओं पर काम होगा और बंगाल के लोगों का समग्र विकास होगा.

कोलकाता : ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया. पार्टी ने 6 भाषा में घोषणा पत्र जारी किया है. हिंदी, अंग्रेजी और बांग्ला के अलावा नेपाली, ओलचिकी और उर्दू भाषा में भी ममता बनर्जी ने अपना लोकलुभावन मेनिफेस्टो जारी किया.

तृणमूल के घोषणा पत्र को ‘दीदीर 10 ओंगीकार’ (दीदी के 10 अंगीकार) नाम दिया गया है. दावा किया गया है कि इन 10 वादों से बंगाल के एक-एक व्यक्ति के जीवन में बदलाव आयेगा. ममता बनर्जी की अगुवाई में इन योजनाओं पर काम होगा और बंगाल के लोगों का समग्र विकास होगा.

ममता बनर्जी ने जो घोषणा पत्र जारी किया है, उसमें अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय और सुरक्षा, युवा, आहार, कृषि कर्म एवं खेती-बाड़ी, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास के अलावा बिजली, सड़क एवं पेयजल से जुड़ी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया है.

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दीदी के 10 अंगीकार में क्या

दीदी के 10 अंगीकार में असंख्य सुअवसर, समृद्ध बांग्ला की बात कही गयी है, तो प्रत्येक घर, न्यूनतम मासिक आय का भी जिक्र किया गया है. आर्थिक सुवअवसर, सबल युवा के साथ-साथ बंगाल में सभी के लिए निश्चित आहार, उत्पादन वृद्धि, सुखी किसान, उद्यमशील बंगाल, तो बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, स्वस्थ बंगाल के अलावा अग्रणी रहने के लिए शिक्षित बंगाल, सबके सिर पर मिले छांव, हरेक घर को बिजली एवं सड़क और पेयजल का वादा किया गया है.

समृद्ध बांग्ला की परिकल्पना

ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के घोषणा पत्र में असंख्य सुअवसर और समृद्ध बांग्ला की बात कही गयी है. टीएमसी ने कहा है कि बंगाल को देश की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम होगा. तब 12.5 लाख करोड़ रुपये की जीडीपी तथा प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक होगी.

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तृणमूल कांग्रेस ने 35 लाख लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने की बात कही है. कहा है कि वर्ष 2011 में राज्य में 1.85 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते थे. वर्ष 2005-2012 के दौरान साल दर साल 7 फीसदी की दर से गरीबी घट रही थी. अगले पांच वर्षों में अतिरिक्त 35 लाख लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का लक्ष्य पार्टी ने रखा है.

Posted By : Mithilesh Jha

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