Bengal Election 2021: पश्चिम बंगाल में कोरोना संकट गहराता जा रहा है. दिन गुजरने के साथ ही कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इसी बीच बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने भी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर की है. इसके साथ ही अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाने की मांग भी की है. अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि अगर चुनाव आयोग वोटिंग बंद करने का भी फैसला लेता है तो इससे कांग्रेस पार्टी को कोई आपत्ति नहीं होगी.
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अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर कोरोना संकट पर चिंता जताई. वहीं, सुति में कांग्रेस उम्मीदवार हुमायूं रजा के समर्थन में चुनावी सभा को भी संबोधित किया. उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे. अधीर रंजन चौधरी ने खुद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी. तसवीर में आप देख सकते हैं कि कई लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं है. सोशल डिस्टेंसिंग को भी फॉलो नहीं किया जा रहा है. हालांकि, अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल में बढ़ते कोरोना संकट से काफी चिंतित भी हैं. इसको लेकर उन्होंने चुनाव आयोग को चिट्ठी भी लिखी है.
लोगों की जिंदगी से बढ़कर कुछ नहीं: अधीर रंजन
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के मुताबिक ‘उन्होंने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है. कई चिकित्सकों से बात हुई है. अधिकतर विशेषज्ञों का कहना है आने वाले समय में अस्पतालों के बरामदे में भी रोगियों को रखने की जगह नहीं होगी. मैं हाथ जोड़कर सभी से अनुरोध कर रहा हूं कि कोविड-19 महामारी को लेकर खेल बंद करना होगा. लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ ठीक नहीं. मेरी शमशेरगंज से कांग्रेस कैंडिडेट रिजाउल से मंगलवार को बात हुई थी. आज कोरोना की वजह से वो इस दुनिया में नहीं हैं.’ उन्होंने कहा कि ‘चुनाव आयोग को मैंने पहले ही कहा था कि मतदान के समय कोविड-19 के बढ़ने की आशंका है. वही हो रहा है. अब आयोग जो कुछ भी फैसला लेगा, हम मानने के लिए तैयार हैं. लोगों की जिंदगी से बड़ा कुछ नहीं है.’
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पश्चिम बंगाल में कोविड-19 की रफ्तार काफी तेज
अधीर रंजन चौधरी का कहना है ‘संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि के तौर पर भी उनके फैसले को माकपा और गठबंधन की अन्य पार्टी स्वीकार करेंगी.’ अगर कोरोना संकट की बात करें तो पूरे देश की तुलना में पश्चिम बंगाल में कोरोना महामारी अधिक तेजी से फैलती जा रही है. इसकी वजह है कि चुनाव के समय यहां बड़ी संख्या में जनसभाएं और रोड शो हो रहे हैं. हालांकि, चुनाव आयोग ने सारे कयासों पर विराम लगा दिया है. चुनाव आयोग ने साफ किया है कि अभी कोई ऐसा फैसला नहीं लिया गया है कि बाकी बचे सभी चरणों को साथ में मर्ज कर दिया जाए.
