कोरोना से जंग : इमरजेंसी हो, तो लें इ-पास- जानिये कैसे करें डाउनलोड, और कैसे भरें फार्म

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए रांची जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिलाभर में लॉकडाउन की घोषणा के साथ ही धारा 144 लागू कर दी गयी है. इस दौरान लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो और सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहे, इस पर पहल करते हुए रांची जिला प्रशासन द्वारा ई-पास सेवा शुरू की गयी है. इसके लिए एक एप भी जारी किया गया है. इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है

ऐसे करें आवेदन

आवेदन करने के लिए कोई जरूरतमंद पहले गूगल प्ले स्टोर के जरिये एप डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए गूगल प्ले स्टोर में जाकर Pragyaam सर्च कर सकते हैं. इसके बाद grid by pragyam सर्च रिजल्ट में दिखाई देगा. इसे अपने फोन में डाउनलोड करें. इसके बाद एप को खोल कर झारखंड ई पास पर क्लिक करें. इसके साथ ही लॉगइन डिटेल भर कर एप में लॉगइन किया जा सकता है.

इसके बाद व्हीकल ई पास पर क्लिक करें. दाहिनी ओर दिख रहे नीले रंग के + बटन पर क्लिक करें. पूरे फॉर्म को भरें. ओटीपी भरें. इसके बाद आपके पास एसएमएस के जरिये आपको आपका पास लिंक के जरिये एसएमएस पर भेज दिया जायेगा. यह पास ई फॉर्मेट में वैलिड है. आपको अपना एक वैलिड आईडी कार्ड भी दिखाना होगा.

ऐसे जांच करेंगे अधिकारी

जांच के दौरान आप या तो पास का प्रिंट आउट या ई पास दिखा सकते हैं. इसके बाद आइडी कार्ड मांगा जायेगा. आइडी कार्ड के बाद, आपके ई-पास नंबर का जांचकर्ता अधिकारी संबंधित एप के जरिये मिलान करेंगे. इसमें पास धारक का नाम और मोबाइल नंबर का मिलान किया जायेगा. किसी भी तरह की अनियमितता या फेक पास दिखाने पर आपके खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

विभिन्न जिलास्तरीय पदधिकारियों को अलग-अलग कैटेगरी में पास अप्रूवल की कमान सौंपी गयी है. उपायुक्त रांची राय महिमापत रे ने कहा कि आम लोगों को हर संभव हर जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए ई-पास सिस्टम जारी किया गया है. इसके तहत एसेंशियल सेवा में लगी गाड़ियों जैसे, राशन का सामान लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल होनेवाले वाहन, दवाइयां पहुंचाने वाले वाहन, मेडिकल सेवा सहित अन्य जरूरी सेवाओं में लगे वाहनों के लिए इस एप के जरिये पास जारी होगा.

रिटायर्ड व प्रैक्टिसिंग डॉक्टरों से प्रशासन ने मांगी मदद

कोरोना वायरस के प्रकोप से निबटने के लिए जिला प्रशासन ने रांची के रिटायर्ड डॉक्टरों व प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों से मदद मांगी है. प्रशासन ने अपील की है कि इस मुश्किल घड़ी में डॉक्टर आगे आयें ताकि इस महामारी को जड़ से खत्म किया जा सके. इस सेवा से जुड़ने के इच्छुक लोगों के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. इसके तहत ऐसे डॉक्टर फोन नंबर 8800886439 नंबर पर संपर्क कर वॉलेंटियर्स डॉक्टर बन सकते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >