खूंटी में प्रतिबंधित मांस की सप्लाई करने आए सरायकेला-खरसावां के सिकंदर कालिंदी समेत 2 गिरफ्तार

झारखंड में प्रतिबंधित मांस का कारोबार करने वाले दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इनमें से एक सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई थाना क्षेत्र का रहने वाला है, तो दूसरा खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र का.

झारखंड की राजधानी रांची से सटे खूंटी जिले में प्रतिबंधित मांस के कारोबार से जुड़े दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इनमें एक सरायकेला-खरसावां जिले का रहने वाला सिकंदर कालिंदी (46) शामिल है. दूसरा व्यक्ति खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र के पुरनानगर का रहने वाला है. उसका नाम बहादुर लोहरा है. खूंटी पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी.

गुप्त सूचना पर खूंटी पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि 10 सितंबर को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि अड़की थाना क्षेत्र के पुरनानगर गांव में प्रतिबंधित मांस का कारोबार करने वाला एक शख्स मांस की सप्लाई करने आया है. मामले को गंभीरता से लेते हुए खूंटी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित कुमार ने तत्काल एक टीम का गठन किया. टीम ने पुरनानगर गांव से कुछ दूरी पर स्थित मोड़ के पास एक व्यक्ति को हिरासत में लिया.

सिकंदर कालिंदी के पास से मिला प्रतिबंधित मांस

जांच करने पर उसके पास से प्रतिबंधित मांस मिला. हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने अपना नाम सिकंदर कालिंदी बताया. उसके पिता का नाम दांतु कालिंदी है. वह सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई थाना क्षेत्र के डोरो गांव का रहने वाला है. उसके पास से प्रतिबंधित मांस मिलने के बाद उसकी मोटरसाइकिल (OR08D-0261) को पुलिस ने जब्त कर लिया. साथ ही सिकंदर कालिंदी को वहीं पर गिरफ्तार कर लिया गया.

पशु चिकित्सक की उपस्थिति में प्रतिबंधित मांस को किया जब्त

पुलिस ने बताया कि पशु चिकित्सक को बुलाकर प्रतिबंधित मांस की पुष्टि होने के बाद मांस को जब्त किया गया. इसके बाद एक अन्य प्रतिबंधित मांस तस्कर बहादुर लोहरा (58) को पकड़ा गया. उसके पिता का नाम स्व सयाबु लोहरा है. वह अड़की थाना क्षेत्र के पुरनानगर गांव का रहने वाला है. बहादुर लोहरा ने सिकंदर कालिंदी से प्रतिबंधित मांस खरीदी थी. बाद में ग्रामीणों को देखकर वह वहां से भाग खड़ा हुआ था.

11 सितंबर को हुई दूसरे मांस कारोबारी की गिरफ्तारी

खूंटी पुलिस ने सोमवार (11 सितंबर) को उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया. इनके पास से एक मोटरसाइकिल, करीब 15 किलो प्रतिबंधित मांस जब्त किए गए हैं. एसडीपीओ ने बताया कि छापेमारी दल में अड़की के थाना प्रभारी इकबाल हुसैन, अड़की थाना के पुलिस अवर निरीक्षक बिरजू प्रसाद, पुलिस अवर निरीक्षक मनोज तिर्की और पुलिस अवर निरीक्षक उत्तम कुमार के अलावा अमर सिंह, कृष्णा प्रधान, राजेंद्र सिंह स्वांसी, कृष्णा महतो और धनंजय सिंह शामिल थे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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