Allahabad HC News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- नाबालिग से रेप समाज के खिलाफ अपराध, जमानत देने से इंकार

हाइकोर्ट ने कहा कि नाबालिग बच्चियों के साथ रेप समाज के खिलाफ अपराध है. कोर्ट ने कहा कि भारत देश में बच्चियों की पूजा की जाती है. इसके बावजूद देश में बच्चियों के खिलाफ इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं.

Prayagaj News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को 8 साल की बच्ची के साथ रेप मामले में आरोपी की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए बड़ी टिप्पणी की है. हाइकोर्ट ने कहा कि नाबालिग बच्चियों के साथ रेप समाज के खिलाफ अपराध है. कोर्ट ने कहा कि भारत देश में बच्चियों की पूजा की जाती है. इसके बावजूद देश में बच्चियों के खिलाफ इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं.

नाबालिक बच्चियां रेप और उसके दुष्परिणाम को नहीं जानती. इस तरह की घटनाएं उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डालती हैं. कोर्ट।ने कहा कि कई बार इस तरह के मामले उजागर नहीं हो पाते तो कई बार बच्चियों को आत्महत्या तक करना पड़ता है. आरोपी की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने गोरखपुर, बांसगांव के आरोपी चंद्र प्रकाश शर्मा को जमानत देने से इंकार कर दिया.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 20 साल कैद की सजा का प्रावधान है, जिसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकता है साथ ही आरोपी पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि ट्रायल पूरा होने तक आरोपी को निर्दोष नहीं ���ाना जा सकता और जमानत देने से इनकार कर दिया. गौरतलब है की पिछले साल 16 जुलाई को गोरखपुर निवासी 8 साल की बच्ची घर के बगल अमरूद तोड़ने गई थी.

पड़ोसी चंद्र प्रकाश शर्मा ने बच्ची के साथ छेड़छाड़ के बाद रेप किया. बच्ची ने घर आकर परिजनों को आप बीती बताई तो उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने एफआईआर दर्ज मेडिकल कराया और आरोपी को जेल भेज दिया जेल. 17 जुलाई से आरोपी जेल में बंद है. सत्र अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी. हालांकि, कोर्ट ने सभी दलीलों को दरकिनार करते हुए आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया.

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By Prabhat khabar news desk

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