Malware Attack: दिल्ली एम्स पर मालवेयर अटैक, साइबर टीम ने किया नाकाम

मालवेयर अटैक को सबसे खतरनाक साइबर अटैक कहा जाता है. जिसमें मरीजों का डाटा चुनाने की कोशिश होती है. कुछ दिन पहले भी एम्स के सर्वर पर मालवेयर अटैक किया गया था. लंबी कोशिश के बाद सर्वर को दोबारा शुरू किया जा सका था.

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS ) में एक बार फिर से साइबर हमला किया गया. एम्स की ओर से बताया गया कि सर्वर पर मालवेयर अटैक किया गया था. हालांकि साइबर टीम की सक्रियता से इसे नाकाम करने में सफला मिल गयी और सेवा फिर से शुरू कर दी गयी.

एम्स ने ट्वीट कर मालवेयर अटैक की जानकारी दी

AIIMS दिल्ली ने ट्वीट किया और बताया, साइबर सुरक्षा प्रणालियों द्वारा दोपहर 2:50 बजे एक मालवेयर अटैक का पता चला. प्रयास को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया और खतरे को निष्प्रभावी कर दिया गया. अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि ई-हॉस्पिटल सेवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं और सामान्य रूप से काम कर रही हैं.

एम्स में मालवेयर अटैक पर राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने किया ट्विटर

एम्स अस्पताल पर साइबर हमले की अफवाह फैलने पर इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्विटर पर स्थिति स्पष्ट की और कहा कि एम्स की प्रणाली में कोई सेंध नहीं लगी है. उन्होंने ट्वीट किया, एम्स का ई-अस्पताल आतंरिक ऐप है और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं है. किसी ने इस पोर्टल में सेंध लगाने की कोशिश की लेकिन एम्स की सुरक्षा प्रणाली की सतर्कता से यह नाकाम कोशिश रही. उसी व्यक्ति ने संभवत: त्रुटि संदेश का स्क्रीनशॉट लिया है और उसे प्रसारित किया है. उन्होंने कहा, साइबर हमले या सेंध की कोई घटना नहीं हुई है. त्रुटि संदेश को भी ठीक कर लिया गया है.

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क्या है मालवेयर अटैक

मालवेयर अटैक को सबसे खतरनाक साइबर अटैक कहा जाता है. जिसमें मरीजों का डाटा चुनाने की कोशिश होती है. कुछ दिन पहले भी एम्स के सर्वर पर मालवेयर अटैक किया गया था. लंबी कोशिश के बाद सर्वर को दोबारा शुरू किया जा सका था. हालांकि उस हमले के बाद एम्स के सर्वर में साइबर सिक्योरिटी को काफी मजबूत कर दिया गया.

2022 में भी एम्स पर हुआ था मालवेयर अटैक

गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में इसी तरह के एक हमले ने दो सप्ताह के लिए अस्पताल पंजीकरण, प्रवेश और छुट्टी सेवाओं को बाधित कर दिया था. एम्स दिल्ली ने पहली बार 23 नवंबर, 2022 को अपने सर्वर में खराबी की सूचना दी थी. जिसके बाद साइबर सुरक्षा के कथित उल्लंघन के लिए दो लोगों को निलंबित कर दिया गया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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