5G In India: भारत में 4जी-5जी सर्विस को लेकर विदेशी कंपनी ने कह दी बड़ी बात, जानें आप भी

5G In India: एरिक्सन का अनुमान है कि भारत में डेटा ट्रैफिक 2029 तक प्रति स्मार्टफोन यूजर प्रतिमाह 29 जीबी से बढ़कर 68 जीबी तक पहुंच जाएगा.

5G In India: स्वीडन की टेलीकॉम एक्विपमेंट्स मैन्युफैक्चरर कंपनी एरिक्सन (Ericsson) ने उम्मीद जतायी है कि भारत में अंतिम यूजर तक डेटा कंजम्प्शन बढ़ने से उसकी ग्रोथ का अगला फेज नेटवर्क डेंसिफिकेशन से आगे बढ़ेगा. कंपनी के एक सीनियर एक्जीक्यूटिव ने यह बात कही है.

अमेरिका से आगे होगा भारत

एरिक्सन के भारत में मैनेजिंग डायरेक्टर प्रबंध और दक्षिण-पूर्व एशिया, ओसियाना और भारतीय बाजार क्षेत्र के लिए नेटवर्क प्रमुख नितिन बंसल ने बताया कि भारत में फिक्स्ड वायरलेस ऐक्सेस में वृद्धि की महत्वपूर्ण संभावना है, और तैनाती की संख्या के मामले में यह जल्द ही अमेरिका के आंकड़े को पार कर जाएगी. न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, बंसल ने कहा, वृद्धि का अगला चरण मुख्य रूप से नेटवर्क उपयोग को बढ़ाने के लिए नेटवर्क डेंसिफिकेशन के माध्यम से बढ़ती ट्रैफिक जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है. नेटवर्क का इस्तेमाल बढ़ने से नेटवर्क डेंसिटी बढ़ती है.

5 साल में दोगुना हो जाएगा डेटा ट्रैफिक

नेटवर्क डेंसिफिकेशन दरअसल नेटवर्क में नोड्स की डेंसिटी बढ़ाने की प्रक्रिया है, जिससे क्षमता, कवरेज सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है. एरिक्सन का अनुमान है कि भारत में डेटा ट्रैफिक 2029 तक प्रति स्मार्टफोन यूजर प्रतिमाह 29 जीबी से बढ़कर 68 जीबी तक पहुंच जाएगा. बंसल ने कहा, यदि यह रुख जारी रहता है, तो सर्विस प्रोवाइडर यूजर्स के अनुभव को बढ़ाने के लिए नेटवर्क को सघन करेंगे. भारत में 2022 की दूसरी छमाही और 2023 की शुरुआत में 5जी की तेजी से शुरुआत की वजह से एरिक्सन और अन्य टेलीकॉम एक्विपमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स के बिजनेस में काफी तेजी आई थी. हालांकि, अब उनके कारोबार की रफ्तार धीमी हुई है.

4जी और 5जी सेवाओं में अब भी अवसर

एरिक्सन ने दक्षिण-पूर्व एशिया, ओसियाना और भारतीय क्षेत्र में सितंबर, 2024 की तीसरी तिमाही के लिए कारोबार में सालाना आधार पर 44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है. बंसल ने कहा, भले ही 5जी की मांग कम हो गई हो, लेकिन 4जी और 5जी सेवाओं में अब भी अवसर हैं, खासकर जब कंपनी बाजार में अपने आक्रामक दृष्टिकोण का विस्तार करना चाहती है. बंसल ने कहा कि डेटा की खपत 29 जीबी प्रति स्मार्टफोन से बढ़कर 2029 तक 68 जीबी होने की उम्मीद है. ऐसे में नेटवर्क में क्षमता वृद्धि की जरूरत होगी. हाल ही में, वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) ने भारत में 17 सर्किल में 4जी और 5जी क्षमता के निर्माण के लिए 30,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय कार्यक्रम की घोषणा की है. उसने इस अनुबंध के लिए एरिक्सन, नोकिया और सैमसंग काे चुना है.

BSNL 5G की कब होगी शुरुआत? टेलीकॉम मिनिस्टर ने बता दी तारीख

5G ने बढ़ा दी रफ्तार और कॉल ड्रॉप बरकरार, सर्वे ने बताया कितने मजे में टेलीकॉम यूजर्स

5G कवरेज और डाउनलोड स्पीड में Jio ने मारी बाजी, जानें Airtel, Vi और BSNL का हाल

Tariff Plan Hike: महंगे रीचार्ज के लिए फिर हो जाएं तैयार, टेलीकॉम कंपनियां बढ़ाने जा रहीं टैरिफ

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >