झारखंड : 12 साल से अधूरा पड़ा है खरसावां के आमदा में निर्माणाधीन 500 बेड का अस्पताल, स्वास्थ्य मंत्री गंभीर

सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत आमदा में निर्माणाधीन 500 बेड का अस्पताल पिछले 12 साल से अधूरा पड़ा है. इसको लेकर खरसावां विधायक दशरथ गागराई के आग्रह पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करने पहुंचे. अधूरे होने की जानकारी होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए जल्द रिव्यू की बात कही.

सरायकेला- खरसावां, शचिंद्र कुमार दाश : खरसावां विधायक दशरथ गागराई के आग्रह पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता सोमवार को खरसावां के आमदा पहुंचे तथा यहां निर्माणाधीन 500 बेड का अस्पताल भवन का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने मौके पर मौजूद स्थानीय विधायक दशरथ गागराई से अस्पताल निर्माण कार्य में हुए विलंब के संबंध में जानकारी ली. बताया गया कि पिछले छह माह से कार्य बंद पड़े हुए है. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जल्द ही इस योजना की रिव्यू करेंगे. जहां भी खामियां है, उसे दूर कर अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा कराया जायेगा. उन्होंने कहा विधायक दशरथ गागराई की दिली तमन्ना है कि जल्द अस्पताल का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाये. इस मामले को वे कई बार विधानसभा में भी रख चुके हैं. राज्य की हेमंत सोरेन सरकार निश्चित रूप से अस्पताल का निर्माण कार्य पूर्ण कर इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचाएगी. उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में स्वस्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है. लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिये सरकार संकल्पित है.

कोल्हान के लिए महत्वपूर्ण योजना, 2024 से पूर्व अस्पताल को पूर्ण करें : गागराई

इस मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि संवेदक की शिथिलता के कारण ही शिलान्यास के 12 साल बाद भी खरसावां के आमदा में 500 बेड़ के अस्पताल का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है. यह क्षेत्र का एक ज्वलंत मुद्दा है. हर बार इस मुद्दे को उन्होंने विस में इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि मेरे आग्रह पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता आमदा पहुंच कर वास्तविक स्थिति से अवगत हुए. उन्होंने स्थिति का आकलन किया. गागराई ने कहा कि उन्होंने मंत्री जी से आग्रह किया है कि वर्ष 2024 से पूर्व अस्पताल का निर्माण कार्य को पूर्ण करायें, ताकि इसका लाभ क्षेत्र की जनता को मिले. स्वास्थ्य मंत्री ने 24 से पूर्व 500 बेड के इस अस्पताल को पूर्ण कर जनता समर्पित करने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि विस के पिछले सत्र में भी इस मुद्दे को विस में उठाया था.

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2014 में पूर्ण होना था निर्माण कार्य, 12 साल बाद भी है पूर्ण नहीं हो सका भवन का निर्माण कार्य

खरसावां के आमदा में 12 वर्षों में भी 500 बेड़ के अस्पताल का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया. आमदा में 500 बेड के अस्पताल का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने वर्ष 2011 में किया था. जानकारी के अनुसार, 18 मई 2011 को खरसावां के आमदा में 500 बेड के अस्पताल निर्माण के लिए 153 करोड 96 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी थी. इसके लिए नयी दिल्ली की एनबीसीसी लिमिटेड के साथ एकरारनामा किया गया. एकरारनामा के अनुसार, इसे 26 फरवरी, 2014 को पूरा करना था. भविष्य में इसे मेडिकल कॉलेज मे उत्क्रमित करने की योजना थी. लेकिन, अब तक सिर्फ अस्पताल भवन का स्ट्रेक्चर ही खड़ा हुआ है.

25 एकड़ में फैला है अस्पताल का कैंपस

आमदा में निर्माणाधीन 500 बेड का अस्पताल क्षेत्र का सबसे बडा अस्पताल होगा. इस अस्पताल के बन जाने से खरसावां समेत पूरे कोल्हान के लोगों को लाभ मिलेगा. करीब 25 एकड़ जमीन पर अस्पताल कैंपस फैला हुआ है.

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जिस सीएचसी में डॉक्टरों की कमी है, वहां डॉक्टरों की पदस्थापना होगी

खरसावां दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बन्ना गुप्ता को खरसावां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी से अवगत कराया. इस पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि पिछले नौ-दस वर्षों से एक ही जिला में पदस्थापित चिकित्सकों की दूसरे जिलों में स्थानांतरण किया गया है. ऐसे में कुछ सीएचसी व सदर अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी हुई है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जिला स्तर समीक्षा की जायेगी. जहां चिकित्सकों की कमी है, वहां चिकित्सकों की पदस्थापना की जायेगी. स्वास्थ्य मंत्री को बताया गया कि खरसावां सीएचसी में फिलहाल दो चिकित्सक ही पदस्थापित हैं ? ऐसे में कैसे काम होगा ? इस पर उन्होंने कहा कि जल्द ही इस समस्या का भी निराकरण किया जायेगा.

मौके पर ये रहे मौजूद

अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से एडीसी सुबोध कुमार, एसडीएम रामकृष्ण कुमार, सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह, बीडीओ गौतम कुमार, विधायक प्रतिनिधि (स्वास्थ्य) अनूप सिंहदेव, भवेश मिश्रा, सुधीर मंडल, सुरेश मोहंती, देवीलाल बोदरा, साधु चरण बोदरा, भुवनेश्वर महतो, हिमांशु प्रधान, मदन प्रधान आदि मौजूद थे.

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By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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