Power Bank Fire In Airplane: आजकल अगर आप प्लेन से सफर कर रहे हैं, तो बैग पैक करते समय सिर्फ हथियार, लिक्विड या जेल्स के नियम ही नहीं देखने होते. बल्कि एक और चीज पर अब खास ध्यान दिया जा रहा है. हम बात कर रहे हैं पावर बैंक और लिथियम-आयन बैटरी वाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की. दरअसल, इन डिवाइसों में खराब बैटरी या गलत यूज की वजह से आग लगने या जलने का खतरा बढ़ जाता है. यही कारण है कि अब इन्हें लेकर एयरलाइंस और एविएशन अथॉरिटी काफी सख्त हो गई हैं. लेकिन सवाल वही है कि आखिर पावर बैंक प्लेन में बार-बार आग क्यों पकड़ लेते हैं? आइए जानते हैं.
पावर बैंक में आग क्यों लगती है?
पावर बैंक में लिथियम-आयन बैटरी का यूज होता है. लिथियम-आयन बैटरी वाले डिवाइस की सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि अगर बैटरी खराब हो जाए तो वह बहुत जल्दी गर्म होकर ओवरहीट या शॉर्ट-सर्किट कर सकती है. यहीं से शुरू होता है एक खतरनाक प्रोसेस, जिसे ‘थर्मल रनअवे’ कहते हैं. इसमें बैटरी के अंदर का टेम्परेचर बढ़ते ही बढ़ता जाता है, और वह खुद ही और ज्यादा एनर्जी रिलीज करने लगती है. मतलब जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, बैटरी और तेजी से गर्म होती जाती है.
इस स्थिति में आग लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है, क्योंकि लिथियम और उसके अंदर इस्तेमाल होने वाले मटेरियल बहुत ज्यादा रिएक्टिव और आसानी से जलने वाले होते हैं. सबसे डराने वाली बात ये है कि लिथियम बैटरी की आग स्टबर्न होती है. यानी इसे बुझाना आसान नहीं होता. कई बार बुझाने के बाद भी यह फिर से भड़क सकती है.
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खराब लिथियम बैटरियों से कैसे बचा जाए?
- लिथियम बैटरी में आग लगने के रिस्क को कम करने का सबसे आसान तरीका है कि आप सस्ते और घटिया क्वालिटी वाले डिवाइस से बचें. हमेशा कंपनी के बताए गए निर्देशों के हिसाब से ही उनका यूज करें.
- अक्सर समस्या तब शुरू होती है जब बैटरी पर ज्यादा लोड डाल दिया जाता है. जैसे एक साथ बहुत सारे डिवाइस चार्ज करना या लगातार ओवरयूज करना. इससे डिवाइस गरम होने लगता है और खतरा बढ़ जाता है.
- इसके अलावा, अगर बैटरी वाले डिवाइस को गिरा दिया जाए, सही तरीके से हैंडल न किया जाए या गलत जगह पर स्टोर किया जाए, तो भी दिक्कतें आ सकती हैं.
- बैटरियों को हमेशा ऐसी जगह पर स्टोर करें जहां आसपास कोई भी ज्वलनशील चीज (flammable material) न हो, ताकि किसी भी तरह का नुकसान या हादसा होने का खतरा न रहे.
- इन्हें बहुत ज्यादा ठंडी या बहुत ज्यादा गर्म जगह पर रखने से भी बचें. सबसे सही तापमान 0°C से लेकर 40°C के बीच होता है.
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