चार्जर केबल में लगा गोल सा सिलेंडर जैसा हिस्सा किस काम आता है? कई लोग नहीं जानते इसका फायदा

Laptop Charger Cable: क्या आपने कभी चार्जर के केबल में लगे उस छोटे से गोल सिलेंडर पर ध्यान दिया है? दिखने में मामूली लगने वाला यह पार्ट असल में आपके डिवाइस की सेफ्टी में बड़ा रोल निभाता है. आइए जानते हैं इस पार्ट को क्या कहते हैं और यह आखिर किस काम आता है.

Laptop Charger Cable: क्या आपने कभी अपने लैपटॉप चार्जर को ध्यान से देखा है? अगर देखा होगा तो आपने केबल में एक गोल सा सिलेंडर जैसा हिस्सा जरूर नोटिस किया होगा. ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन असल में इसका काम बेहद खास होता है. आकार में छोटा दिखने वाला यह हिस्सा आपके डिवाइस की सेफ्टी और परफॉर्मेंस से जुड़ा होता है. आइए आपको बताते हैं आखिर चार्जर में लगा यह छोटा सा पार्ट किस काम आता है और क्यों इसे इतना जरूरी माना जाता है.

गोल सा सिलेंडर जैसा हिस्सा को क्या कहते हैं?

आपके चार्जर केबल में काला सा मोटा सिलेंडर जैसा हिस्सा को फेराइट बीड (Ferrite Bead) या फेराइट बीड चोक (Ferrite Bead Choke) कहा जाता है. इसका काम होता है बिजली में आने वाले बेकार के सिग्नल या इलेक्ट्रिकल नॉइज को रोकना. जब चार्जर के तार से करंट गुजरता है तो उसमें कुछ हाई-फ्रीक्वेंसी वेव्स भी बनती हैं. ये वेव्स कभी-कभी डिवाइस तक पहुंचने वाले सिग्नल में गड़बड़ी कर सकती हैं. ऐसे में ये Ferrite Bead उन बेकार वेव्स को रोककर डिवाइस को सेफ और स्टेबल रखने में मदद करता है.

कई लोग इसे फ्यूज समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. ये करंट को बंद नहीं करता, बल्कि सिर्फ बेकार के इलेक्ट्रिकल नॉइज को फिल्टर करने का काम करता है. आसान भाषा में इसे नॉइज फिल्टर भी कह सकते हैं.

आपके डिवाइस के लिए फेराइट बीड क्यों है जरूरी?

अगर आसान शब्दों में कहें तो फेराइट बीड का काम हाई वोल्टेज करंट से बनने वाली इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ियों यानी नॉइज को रोकना होता है. जब चार्जर या डेटा केबल से करंट गुजरता है, तो उसमें छोटे-छोटे हाई-फ्रीक्वेंसी सिग्नल बनने लगते हैं, जो आपके डिवाइस के सर्किट पर असर डाल सकते हैं.

अगर केबल में ये छोटा सा काला पार्ट नहीं होगा, तो लैपटॉप हैंग होने, सिग्नल कमजोर होने या चार्जिंग रुकने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं. लेकिन जब केबल में फेराइट बीड लगा होता है, तो ये बेकार के नॉइज को रोक देता है. ये पार्ट जरूरी सिग्नल को आराम से गुजरने देता है, जिससे डिवाइस सही तरीके से काम करता है.

आजकल के चार्जर में फेराइट बीड क्यों नहीं मिलते?

अगर आपको लैपटॉप के चार्जिंग केबल में ये फेराइट बीड नहीं दिखे, तो घबराने की जरूरत नहीं है. इसका मतलब बस इतना है कि आपका चार्जर और केबल नई और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ आता है. अब इन केबल्स के अंदर ही ऐसे फिल्टर और सर्किट लगा दिए जाते हैं, जिससे अलग से फेराइट बीड लगाने की जरूरत नहीं पड़ती.

यह भी पढ़ें: लैपटॉप चार्जर की केबल के बीच में ये बॉक्स क्यों होता है? जानिए इसका असली काम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >