WhatsApp Image Scam: व्हाट्सएप पर फोटो भेज स्कैमर्स लूट रहे लाखों रुपये, भूल कर भी न करें डाउनलोड

WhatsApp Image Scam: व्हाट्सएप इमेज स्कैम तेजी से फैल रहा है, जहां साइबर अपराधी अब तस्वीरों के जरिए मैलवेयर छिपाकर लोगों को चुपचाप ठग रहे हैं और उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा रहे हैं.

व्हाट्सएप पर ठगी और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. साइबर अपराधी खतरनाक लिंक, ओटीपी घोटालों और यहां तक कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी नई-नई चालों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं. हाल ही में एक नया घोटाला सामने आया है, जिसमें ठग व्हाट्सएप पर भेजी गई सामान्य सी दिखने वाली इमेज फाइल्स के जरिए यूजर्स को शिकार बना रहे हैं. इन इमेज फाइल्स में छिपा मालवेयर सिस्टम में घुसकर वित्तीय नुकसान पहुंचाता है. क्या है यह नया ‘व्हाट्सएप इमेज स्कैम’ और कैसे इससे आप बच सकते हैं आइये जानते हैं.

क्या है ‘WhatsApp Image Scam’

इस धोखाधड़ी में लोगों को एक ऐसी इमेज फाइल भेजी जाती है, जिसमें मैलवेयर छिपा होता है. यह तकनीक ‘स्टेगनोग्राफी’ कहलाती है, जिसमें एक इमेज के भीतर ही खतरनाक कोड छिपा दिया जाता है. जैसे ही यूजर उस तस्वीर को डाउनलोड और ओपन करता है, वैसे ही मैलवेयर सक्रिय हो जाता है और डिवाइस पर हमला कर देता है.

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चौंकाने वाली बात यह है कि कई मामलों में यूजर को किसी भी तरह का ओटीपी या अलर्ट नहीं मिलता, क्योंकि यह मैलवेयर सीधे बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड्स जैसी संवेदनशील जानकारी को निशाना बनाता है. कुछ मामलों में यह स्कैमर्स को यूजर के फोन या लैपटॉप तक रिमोट एक्सेस भी दे देता है. साइबर एक्सपर्ट्स ने यूजर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी है और अनजान स्रोत से भेजी गई किसी भी इमेज फाइल को न खोलने की चेतावनी दी है.

‘WhatsApp Image Scam’ से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स 

ऐसी धोखाधड़ी से खुद को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का जरूर ध्यान रखें:

  • किसी भी अनजान नंबर से आई फोटो या फाइल को डाउनलोड न करें और व्हाट्सएप की सेटिंग्स में जाकर ऑटो-डाउनलोड फीचर को बंद कर दें.
  • अपने डिवाइस को समय-समय पर अपडेट करते रहें ताकि सिक्योरिटी पैच अप-टू-डेट रहें.
  • किसी भी अनजान या संदिग्ध कॉल को अवॉयड करें और ऐसे नंबरों को तुरंत ब्लॉक कर दें.
  • इस तरह की धोखाधड़ी की जानकारी अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर साझा करें, ताकि वे भी सतर्क रह सकें.
  • किसी भी साइबर फ्रॉड की घटना होने पर तुरंत भारत सरकार की आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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