आपके बैंक अकाउंट में 5000 रुपये…, UPI पिन डालते ही खाता खाली, ये है Jumped Deposit Scam

Jumped Deposit Scam: UPI यूजर्स को ठगने के लिए आजकल धोखाधड़ी का एक नया तरीका सामने आया है, जिसे ‘जम्प्ड डिपॉजिट’ कहा जा रहा है. क्या है यह स्कैम और कैसे बचें इससे? आइए जानें-

Jumped Deposit Scam: मार्केट में इन दिनों एक नये तरह का स्कैम आया हुआ है. नाम है- ‘जम्प्ड डिपॉजिट’. यह एक नया धोखाधड़ी का तरीका है जो UPI यूजर्स को निशाना बना रहा है. इसमें धोखेबाज अचानक आपके खाते में 1,000 से 5,000 रुपये जमा कर देते हैं. जब आप इसे चेक करने के लिए UPI पिन डालते हैं, तो पिन डालते ही धोखेबाज आपके खाते से पैसे निकाल लेते हैं. इस प्रक्रिया में, आप खुद अनजाने में धोखेबाज को पैसे निकालने की मंजूरी दे देते हैं. इस धोखाधड़ी से बचने के लिए, अनजान ट्रांजैक्शन्स और लिंक पर क्लिक करने से बचें, और हमेशा अपनी UPI पिन सुरक्षित रखें.

Jumped Deposit Scam: कैसे जाल बिछाते हैं स्कैमर्स?

‘जम्पड डिपॉजिट’ स्कैम में, शिकार के अकाउंट में 5,000 रुपये या उससे कम की राशि डाल दी जाती है और फिर एक SMS भेजा जाता है, जिसमें एक लिंक होता है. जब यूजर लिंक पर क्लिक करके UPI पिन डालता है, तो स्कैमर्स दावा करते हैं कि विदड्रॉल रिक्वेस्ट एक्सेप्ट किया गया है, और इसके बाद वह अपने शिकार के अकाउंट का ऐक्सेस हासिल कर लेते हैं. इस प्रकार बिना अनुमति के पैसे निकाल लिये जाते हैं. ऐसे में यदि किसी अनजान नंबर से अकाउंट में छोटी रकम जमा हो, तो इसे फ्रॉड समझें.

Jumped Deposit Scam: ऐसे बचकर रहें

‘जम्प्ड डिपॉजिट’ स्कैम से बचने के लिए यूजर्स को अनजान नंबरों से आये संदेशों और लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए, और अपनी UPI पिन केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही डालनी चाहिए. अगर अचानक पैसे आते हैं, तो तुरंत बैलेंस चेक न करें. कम से कम 30 मिनट का इंतजार करें और पहले गलत पिन डालें, ताकि धोखाधड़ी रोकी जा सके. अपने खाते की जांच हर दो दिन में करें और अगर कोई अनजानी लेन-देन दिखाई दे, तो तुरंत बैंक को सूचित करें. सतर्कता बरतने से आप अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं.

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By Rajeev kumar

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

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