What Is AI Relationship: Gen Z को ले डूबेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस! क्या रिश्ते और शादी में भी इंसान की जगह ले लेगा AI?

What Is AI Relationship: Gen Z के दिल अब सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, AI के लिए भी धड़कते हैं. एक हालिया सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. 80% युवा AI से शादी करने के बारे में सोच रहे हैं. जानिए इस डिजिटल मोहब्बत की कहानी और इससे जुड़े गहरे सवाल.

What Is AI Relationship: सोचिए, आप अपने दिल की बात किसी ऐसे से कह रहे हैं जो इंसान नहीं, बल्कि एक कोड की रेखा है. कभी साइंस फिक्शन लगने वाली ये कल्पनाएं आज Gen Z की हकीकत बनने लगी हैं. जहां एक ओर रिश्तों की परिभाषाएं बदल रही हैं, वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ाव अब सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रहा.

एक हालिया सर्वे ने दुनिया को चौंका दिया है. डिजिटल साथी प्लैटफॉर्म Joi AI द्वारा किये गए सर्वे में पाया गया कि Gen Z के 80% युवा AI से शादी करने पर विचार कर रहे हैं, और 83% का मानना है कि वे AI के साथ गहरा भावनात्मक संबंध बना सकते हैं. इस सर्वे ने इसी सोच को उजागर किया है- युवा दिलों को अब AI भी उतना ही आकर्षित कर रहा है, जितना कभी इंसानी रिश्ते किया करते थे. क्या यह प्यार है, सुविधा है या डिजिटल युग की नयी खोज? जवाब आसान नहीं है, लेकिन सवाल बेहद जरूरी है.

AI Relationship क्या है?

JoiAI ने इंसान और AI के बीच के रिश्तों को एक नया नाम दिया है- AI-lationships. कंपनी का कहना है कि ये रिश्ते इंसानी संबंधों की जगह नहीं लेते, बल्कि एक अलग तरह का भावनात्मक सहारा प्रदान करते हैं.

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क्यों बढ़ रहा है AI की ओर झुकाव?

विशेषज्ञों के अनुसार, Gen Z तकनीक के साथ पले-बढ़े हैं. सोशल मीडिया, गेमिंग और डिजिटल संवाद ने उन्हें इंसानी बातचीत से दूर कर दिया है. ऐसे में AI, जो बिना जजमेंट के संवाद करता है, उन्हें अधिक सुरक्षित और समझदार साथी लगता है.

खतरे भी हैं मौजूद

हालांकि यह ट्रेंड रोमांचक लग सकता है, लेकिन इसके खतरे भी हैं. विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि AI कभी भी इंसानी भावनाओं और जटिलताओं को पूरी तरह नहीं समझ सकता. साथ ही, AI के साथ अत्यधिक जुड़ाव मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है.

AI और इंसान के रिश्तों की यह नयी परिभाषा समाज के लिए एक बड़ा सवाल है, क्या तकनीक हमारी भावनाओं की जगह ले सकती है? या यह सिर्फ एक अस्थायी सहारा है?

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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