ChatGPT में ‘GPT’ का मतलब क्या है? दिन-रात यूज करने वाले भी नहीं जानते इसका जवाब

ChatGPT: आज हम में से ज्यादातर लोग रोजमर्रा के कामों में ChatGPT का यूज करते हैं. चाहे कोई सवाल पूछना हो, डेटा समझना और एनालिसिस करना हो, कोडिंग करनी हो, या अपने बॉस को भेजने के लिए ईमेल लिखवाना ही क्यों न हो, हम हमेशा इसका यूज करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं ChatGPT के आखिरी तीन अक्षर यानी GPT का पूरा नाम और मतलब क्या है?

ChatGPT: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आज की दुनिया का एक तरह से ऑपरेटिंग सिस्टम बन चुका है. डेटा को समझने और एनालिसिस करने से लेकर चैटबॉट्स से होने वाली आसान बातचीत तक, इसका असर अब साफ दिखने लगा है. इस बदलाव के सेंटर में ChatGPT है, जो अब AI क्रांति का पहचान बन चुका है और टेक एक्सपर्ट्स से लेकर स्कूली बच्चों तक सभी के बीच काफी पॉपुलर है.

आज हम और आप इसका यूज कई तरह के कामों के लिए करते हैं. लेकिन आज भी कई लोग ChatGPT में लगे आखरी 3 अक्षर यानी GPT के पूरे नाम और इसके असली मतलब से अनजान हैं. क्या आपको पता है GPT का मतलब? आइए आपको बताते हैं.

क्या है GPT का फुल फॉर्म?

GPT के ये तीन अक्षर टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक अहम भूमिका निभाते हैं. दरअसल, GPT का मतलब होता है जेनरेटिव प्री-ट्रेंड ट्रांसफॉर्मर (Generative Pre-trained Transformer). इन शब्दों का मतलब समझना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यही वजह है कि यह AI टेक्नोलॉजी इतनी असरदार और गेम-चेंजर साबित हुई है.

जेनरेटिव (Generative) का क्या मतलब है?

GPT मॉडल्स की सबसे बड़ी खासियत उनका ‘जनरेटिव’ होना है, जो इन्हें पुराने AI सिस्टम्स से अलग बनाती है. पहले के AI ज्यादातर पहचान या अनुमान लगाने जैसे कामों तक लिमिटेड थे, जैसे तस्वीरों में चीजों को पहचानना या शेयर मार्केट के दामों का अंदाजा लगाना. वहीं GPT को खास तौर पर नया कंटेंट बनाने के लिए तैयार किया गया है. यह बहुत बड़े डेटा पर ट्रेन होता है, जिससे यह इंसानी भाषा के पैटर्न और बारीकियों को समझ पाता है और बिल्कुल नेचुरल लगने वाला ओरिजिनल कंटेंट तैयार करता है.

प्री-ट्रेंड (Pre-trained) का क्या मतलब है?

किसी खास काम के लिए इस्तेमाल होने से पहले इन मॉडलों को एक लंबे और गहरे ट्रेनिंग प्रोसेस से गुजरना पड़ता है, जिसे ‘प्री-ट्रेनिंग’ कहा जाता है. इस दौरान AI को हजारों किताबों, आर्टिकल्स, वेबसाइट्स और दूसरे टेक्स्ट सोर्स से लिए गए बड़े डेटा पर ट्रेन किया जाता है. इससे मॉडल को लैंग्वेज, ग्रामर, फैक्ट्स और लोगों की सोच-समझ और रहन-सहन की जानकारी की अच्छी समझ मिलती है.

इसी वजह से GPT काफी मल्टीटैलेंट बन जाता है और बिना अलग-अलग ट्रेनिंग के रिसर्च का सार बताने से लेकर नॉर्मल सवालों के जवाब देने तक कई तरह के काम आसानी से कर पाता है.

ट्रांसफॉर्मर (Transformer) का क्या मतलब है?

Transformer को GPT के तकनीकी दिमाग के रूप में देखा जा सकता है. ये वही आर्किटेक्चरल ब्रेकथ्रू है जिसने इसकी क्षमताओं को खोल दिया. इसे 2017 में Google के रिसर्चर ने पेश किया था. Transformer मॉडल ने AI के भाषा को प्रोसेस करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया. इसके मूल में ‘Attention mechanism’ है, जो मॉडल को पूरे टेक्स्ट को एक साथ एनालाइज करने और सबसे महत्वपूर्ण शब्दों को सबसे पहले ध्यान देने में मदद करता है, चाहे वे वाक्य में कहीं भी हों.

यह भी पढ़ें: ChatGPT Adult Mode: 2026 में आयेगा फ्लर्टिंग और एडल्ट फीचर्स वाला नया चैटबॉट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >