Viral Video: अब इंसान नहीं ड्रोन करेंगे ट्रेनों की सफाई, एक-एक कोना दिखेगा चकाचक, देखें वीडियो

Viral Video: भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशन की सफाई के लिए ड्रोन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. इसकी शुरुआत असम के कामाख्या स्टेशन से हुई है. ड्रोन के जरिए ट्रेनों के ऊपरी हिस्सों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है, जिससे सफाई अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है. ट्रेनों की सफाई के लिए इस्तेमाल की गई ये ड्रोन टेकनोलॉजी सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं.

Viral Video: भारतीय रेलवे ने टेक्नोलॉजी की राह पर चलते हुए एक नया कदम उठाया है. जब ट्रेन अपने अंतिम स्टेशन पर पहुंचती है और सभी यात्री उतर जाते हैं, तो उसे अगली यात्रा के लिए तैयार करने हेतु उसकी साफ सफाई की जाती है. अक्सर आपने देखा होगा कि सफाईकर्मी पाइप और अन्य उपकरणों की मदद से ट्रेन को मैन्युअल रूप से साफ करते हैं. लेकिन अब पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (North East Frontier Railway) ने सफाई के तरीके को और अधिक आधुनिक बना दिया है.

कामाख्या रेलवे स्टेशन पर भारतीय रेलवे ने एक नई पहल शुरू की है. इसके तहत ड्रोन का इस्तेमाल कर ट्रेनों की सफाई की गई है. ट्रेनों और स्टेशनों को साफ बनाए रखने की यह तकनीक न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रही हैं. भारतीय रेलवे ने इसका ट्रायल अप्रैल महीने में ही शुरू कर दिया था.

ड्रोन से की जा रही ट्रेनों की सफाई 

ट्रेन के डिब्बों की ऊंचाई काफी बड़ी होती है और कई ऐसे कठिन जगह होते है जहां सफाईकर्मी नहीं पहुंच पाते लेकिन ऐसी जगहों पर ड्रोन तकनीक काफी सहायक साबित हो रही है. ड्रोन के जरिए ट्रेनों के ऊपरी हिस्सों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है, जिससे सफाई अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है. हाल ही में वायरल हुआ एक वीडियो असम के कामाख्या स्टेशन का है, जहां ड्रोन की मदद से कई ट्रेन कोचों की सफाई की जा रही है. इसके उपयोग से खतरनाक या ऊंची जगहों पर कर्मचारियों को भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे दुर्घटना की संभावना भी घट जाती है.

यह भी पढ़ें: Viral Video: शादी का पंडाल बना जंग का मैदान, कूलर की हवा न मिलने पर बराती-घराती के बीच चली कुर्सियां

देखें वायरल वीडियो 

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ऑपरेटर ड्रोन को ऑपरेट कर रहा है. ड्रोन एक नीले रंग की पाइप से जुड़ा हुआ है, जिससे सफेद रंग का डिटर्जेंट जैसा लिक्विड बाहर निकल रहा है. यह ड्रोन कुछ ही मिनटों में ट्रेन को पूरी तरह साफ कर देता है.

टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >