Laptop की बैटरी पलक झपकते ही हो जाती है खत्म? ये 5 तरीके आपकी बैटरी लाइफ को कर देंगे दुगना

Laptop Battery: क्या आपको भी हर हफ्ते अपनी लैपटॉप की बैटरी पहले से कमजोर लग रही है? इसका असली इलाज नया हार्डवेयर नहीं, बल्कि थोड़ी समझदारी वाली आदतें हैं. आइए आपको कुछ ऐसी जरूरी टिप्स बताते हैं जिसकी मदद से आप अपने लैपटॉप की बैटरी की हेल्थ सही रख सकते हैं.

Laptop Battery: आपके लैपटॉप की बैटरी ये बताती है कि आप कैसे रहते और काम करते हैं. ज्यादातर लोग खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं जब बैटरी का इंडिकेटर लाल हो जाए और चार्जर आस-पास न मिले. असल में बैटरी लाइफ किस्मत पर नहीं, बल्कि आपकी रोज की आदतों और सेटिंग्स पर ज्यादा निर्भर करती है. पहली बार लैपटॉप चालू करने के बाद आप उसे जैसा सेट करते हैं, वही आगे चलकर उसकी बैटरी की लाइफ तय करता है.

इसलिए शुरुआत से ही सही बैटरी आदतें अपनाना समझदारी है ताकि आपका लैपटॉप लंबे समय तक बैटरी की हेल्थ बनाए रख सके. आइए आपको कुछ ऐसी जरूरी टिप्स बताते हैं जिसकी मदद से आप अपने लैपटॉप की बैटरी की हेल्थ सही रख सकते हैं.

Battery Saver Mode का यूज करें

अधिकतर लैपटॉप बॉक्स से निकलते ही तेज, चमकदार और फुल परफॉर्मेंस मोड में चलने लगते हैं. स्क्रीन की ब्राइटनेस 100% रहती है और प्रोसेसर को आराम करने का मौका ही नहीं मिलता. सॉफ्टवेयर अपडेट चलते रहते हैं, ऐप्स बैकग्राउंड में डेटा सिंक करती हैं, और ब्राउजर में टैब्स बढ़ते जाते हैं. ऐसे में हैरानी की बात नहीं कि बैटरी जल्दी खराब हो जाती है और चार्ज एकदम उड़ जाता है.

ये बदलाव करना काफी आसान है. सबसे पहले अपने लैपटॉप की Settings में जाएं और Battery Saver Mode को डिफॉल्ट प्रोफाइल बना दें. जैसे ही आप यह मोड ऑन करते हैं, लैपटॉप फुल पावर पर चलने की जिद नहीं करता. स्क्रीन की ब्राइटनेस अपने-आप कम हो जाती है, प्रोसेसर उतनी ही ताकत इस्तेमाल करता है जितनी जरूरत होती है, बैकग्राउंड ऐप्स रुक जाते हैं और फैन भी कम आवाज करने लगता है.  

ब्राइटनेस कम रखें 

एक लंबी चलने वाली बैटरी किसी एक-दो सेटिंग बदलने से नहीं मिलती, ये ज्यादा आपके इस्तेमाल करने के तरीके पर डिपेंड करती है. ज्यादातर लोग बिना सोचे ब्राइटनेस बहुत ज्यादा रख देते हैं. बस इसे करीब 60% कर दें, और देखेंगे कि बैटरी ज्यादा देर चलेगी.

स्लीप टाइमर का यूज करें

बैटरी बाचने एक और आसान तरीका है स्लीप टाइमर का यूज कर के. मतलब, सिस्टम को ऐसे सेट करें कि कुछ मिनट यूज न करने पर खुद-ब-खुद स्लीप मोड में चला जाए. इससे हर बार जब आप थोड़ी देर के लिए हटते हैं, बैटरी बचती है.

जिन सेटिंग्स की जरूरत न हो उन्हें बंद रखें 

Bluetooth, Wi-Fi और बेवजह पड़े ब्राउजर एक्सटेंशन को बंद रखें जब तक इनकी जरूरत न हो. रोजाना की यही छोटी-छोटी आदतें असली फर्क डालती हैं.

चार्जिंग पैटर्न अनुसार ही चार्ज करें 

ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि आप अपना लैपटॉप कैसे चार्ज करते हैं. लिथियम बैटरियां एक सेट किए गए पैटर्न पसंद करती हैं. बैटरी को करीब 40% तक आने दें और फिर 80% तक चार्ज कर लें. पूरा दिन लैपटॉप को चार्जिंग पर लगाए रखना या बैटरी को बिल्कुल जीरो होने देना सही नहीं है. ऐसा करके आप सिर्फ आज की बैटरी लाइफ नहीं बचाते बल्कि उसे एक साल और, एक प्रोजेक्ट और, एक वेब सीरीज और चलने लायक बना देते हैं.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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