Viral: क्या सरकार फ्री में दे रही लैपटॉप? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज की क्या है सच्चाई, PIB ने खोली पोल

Viral: सोशल मीडिया पर एक फोटो काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें यह दवा किया जा रहा है कि सरकार छात्रों को फ्री लैपटॉप दे रही है. लेकिन PIB Fact Check ने साफ कर दिया है कि यह खबर झूठी है और लोगों को चेतावनी दी है कि ऐसे अनजान लिंक पर बिल्कुल भी क्लिक न करें. अगर आपको भी ऐसे मैसेज तो जानिए क्या नहीं करना चाहिए.

Viral: ऑनलाइन स्कैम का जाल बिछना शुरू हो चुका है. करीब दस साल पुराना एक स्कैम फिर से ऑनलाइन मार्केट में घूम रहा है. सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर एक मैसेज बड़ा तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल मसाज में दवा किया जा रहा है कि भारत सरकार किसी एजुकेशन स्कीम के तहत “स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप दे रही है.” ये पूरी तरह से झूटी खबर है. PIB (प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो) की फैक्ट चेक यूनिट ने साफ कर दिया है कि ऐसी कोई सरकारी स्कीम मौजूद नहीं है. यह मैसेज नकली तरीके से सरकारी लोगो और तस्वीरों का इस्तेमाल करके लोगों को गुमराह कर रहा है.

क्या दिखा फेक मैसेज में? 

वायरल मैसेज में झूठा दावा किया जा रहा है कि यह ऑफर शिक्षा मंत्रालय की तरफ से दिया जा रहा है. इतना ही नहीं, इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें, “G20” का लोगो और एक लिंक भी लगाया गया है, जिस पर क्लिक कर “ऑनलाइन अप्लाई” करने के लिए कहा गया है. मैसेज में यह भी लिखा है कि देशभर के स्टूडेंट्स को शैक्षणिक वर्ष 2024–2025 के लिए मुफ्त लैपटॉप दिए जाएंगे. लेकिन PIB Fact Check ने साफ कर दिया है कि इस मैसेज का किसी भी सरकारी योजना से कोई लेना-देना नहीं है.

PIB ने जारी की चेतावनी 

सरकार के आधिकारिक X अकाउंट @PIBFactCheck ने यूजर्स को चेतावनी दी है कि ऐसे मैसेज पर भरोसा न करें और न ही उन्हें शेयर करें. इसमें लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अनजान वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी दें. PIB ने साफ कहा है कि भारत सरकार या शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी असली घोषणाएं सिर्फ उनकी आधिकारिक वेबसाइट्स और वेरिफाइड सोशल मीडिया हैंडल्स पर ही की जाती हैं.

ऐसे मैसेज आपके पास आएं तो क्या करें?

  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
  • अपनी पर्सनल जानकारी शेयर न करें
  • ऐसे मैसेज बिना जांच पड़ताल के फॉरवर्ड न करें
  • सरकारी लोगो या फोटो देखकर तुरंत भरोसा न करें
  • अनऑफिशियल अटैचमेंट या ऐप्स डाउनलोड न करें

यह भी पढ़ें: IMC 2025: ‘चाय से सस्ता इंटरनेट’, पीएम मोदी ने दिल्ली में खोली डिजिटल क्रांति की नयी किताब

यह भी पढ़ें: IMC 2025: ओजस64 के साथ भारत का 5G क्रांति में कदम, ग्लोबल टेलीकॉम में उभरता सितारा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >