EMI पर मोबाइल खरीद रहे हैं तो इन 5 गलतियों से बचें, वरना पछताएंगे

Smartphone On EMI: ईएमआई पर मोबाइल फोन खरीदना सुविधाजनक है, लेकिन कुछ बातों को ध्यान में रखकर आप इसे फायदेमंद बना सकते हैं.

Smartphone On EMI: आजकल महंगे स्मार्टफोन खरीदना आसान हो गया है, क्योंकि आप उन्हें EMI पर खरीद सकते हैं. लेकिन कई बार लोग जल्दबाजी में गलत फैसले ले लेते हैं, जिससे उन्हें बाद में पछताना पड़ता है. अगर आप भी EMI पर मोबाइल खरीदने की सोच रहे हैं, तो इन 5 गलतियों से बचें.

1. ब्याज दर पर ध्यान न देना

EMI पर फोन खरीदते समय सबसे बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि वे ब्याज दर (Interest Rate) चेक ही नहीं करते. जीरो-कॉस्ट EMI का मतलब हमेशा फ्री EMI नहीं होता. कई बार बैंक या फाइनैंस कंपनियां प्रॉसेसिंग फीस या हिडन चार्ज लगा देती हैं. इसलिए EMI प्लान को अच्छे से समझें.

2. बजट से ज्यादा महंगा फोन लेना

कई लोग EMI ऑप्शन देखकर बजट से ज्यादा महंगा फोन खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में जब EMI कटने लगती है, तो उन्हें परेशानी होती है. EMI लेते समय अपनी आर्थिक स्थिति का ध्यान जरूर रखें.

3. रीपेमेंट की लंबी अवधि (Tenure) चुनना

कम EMI दिखाने के लिए कई कंपनियां लंबी अवधि का प्लान देती हैं. लेकिन इससे कुल रकम ज्यादा हो जाती है. इसलिए कोशिश करें कि EMI की अवधि कम से कम हो, ताकि आप जल्दी भुगतान पूरा कर सकें.

4. डाउन पेमेंट को इग्नोर करना

अगर आप ज्यादा डाउन पेमेंट करते हैं, तो आपकी EMI कम हो जाती है और ब्याज भी कम लगता है. लेकिन कुछ लोग बिना डाउन पेमेंट के ही फोन ले लेते हैं, जिससे बाद में ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं.

5. अपनी क्रेडिट स्कोर पर ध्यान न देना

अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं है, तो आपको ज्यादा ब्याज दर पर EMI मिलेगी. इसलिए फोन खरीदने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर जरूर चेक करें और अगर कम है तो पहले उसे सुधारने की कोशिश करें.

अपनी जरूरत और जेब की सुनें

EMI पर मोबाइल खरीदना सुविधाजनक है, लेकिन इन गलतियों से बचकर ही आप इसे फायदेमंद बना सकते हैं. सही प्लान चुनें, ब्याज दर और शर्तों को समझें और अपनी जरूरत और जेब के हिसाब से फैसला लें.

iPhone जैसे कैमरा कंट्रोल बटन के साथ आते हैं ये एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स, देखें पूरी लिस्ट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >