PM Modi Ear Gadget: ओमान दौरे पर पीएम मोदी के कान में दिखा खास गैजेट, जानें किस काम आता है ये डिवाइस

PM Modi Ear Gadget: प्रधानमंत्री मोदी के ओमान दौरे के दौरान उनके कान में दिखा चमकता डिवाइस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसे देखकर लोग तरह-तरह के कयास लगाने लगे. लेकिन यह फैशन या कोई गहना नहीं, बल्कि रियल टाइम ट्रांसलेशन ईयरपीस है. आइए जानते हैं इसके फायदे और यह कैसे काम करता है.

PM Modi Ear Gadget: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हफ्ते की शुरुआत में दो दिन के दौरे पर ओमान पहुंचे हैं. एयरपोर्ट पर उनके स्वागत में पारंपरिक नृत्य पेश किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. लेकिन सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा उनके कान में दिख रही एक छोटी-सी चमकदार चीज को लेकर हुई. इस चीज को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह के कयास लगाने लगे. लोग पूछने लगे कि क्या पीएम मोदी ने कोई नया फैशन स्टाइल अपनाया है या फिर नया एक्सेसरी पहना है. लेकिन आपको बता दें यह इयररिंग जैसा दिखने वाला असल में रियल टाइम ट्रांसलेशन डिवाइस है. आइए डिटेल में जानते हैं इसके बारे में. 

रियल टाइम ट्रांसलेशन डिवाइस क्या होता है?

रियल-टाइम ट्रांसलेशन डिवाइस ऐसा गैजेट होता है जो अलग-अलग भाषाओं का तुरंत अनुवाद करता है. यानी सामने वाला जो भी बोलता है, यह डिवाइस उसी समय उसकी बात को दूसरी भाषा में बदलकर सुना देता है. इसकी मदद से ऐसे लोग भी आसानी से आपस में बातचीत कर पाते हैं, जो एक-दूसरे की भाषा बिल्कुल नहीं जानते. 

ऐसे डिवाइस का इस्तेमाल आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मुलाकातों में किया जाता है, ताकि अलग-अलग भाषा बोलने वाले नेता और अधिकारी आसानी से बातचीत कर सकें. ओमान की आधिकारिक भाषा अरबी है, इसलिए यह ट्रांसलेशन उपकरण विदेशी मेहमानों को बातचीत सही तरीके से समझने में मदद करता है.

रियल टाइम ट्रांसलेशन डिवाइस के फीचर्स

रियल टाइम ट्रांसलेशन डिवाइस की सबसे बड़ी बात ये है कि ये तुरंत किसी भी भाषा का अनुवाद दूसरी भाषा में कर देता है. इससे जो लोग एक जैसी भाषा नहीं बोलते, वो भी आसानी से आपस में बातचीत कर सकते हैं. खास बात ये है कि जब कोई देश का बड़ा अफसर इसका इस्तेमाल करता है, तो वो दूसरे देश के प्रतिनिधियों की बातें तुरंत और सही तरह से समझ पाता है.

ये डिवाइस AI फीचर्स से भी लैस होते हैं और इन्हें इस्तेमाल करने के लिए हमेशा इंटरनेट की जरूरत भी नहीं पड़ती. साथ ही इसमें एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन होता है, जो आसपास के अनचाहे आवाज को खत्म करके साफ आवाज सुनने में मदद करता है.

रियल टाइम ट्रांसलेशन डिवाइस कैसे काम करते हैं?

रियल-टाइम ट्रांसलेशन डिवाइस AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके काम करते हैं. ये पहले आपकी बोली को टेक्स्ट में बदलते हैं (स्पीच रिकग्निशन), फिर उस टेक्स्ट का अनुवाद किसी दूसरी भाषा में करते हैं (न्यूरल मशीन ट्रांसलेशन), और आखिर में अनुवादित टेक्स्ट को फिर से आवाज में बदल देते हैं (टेक्स्ट-टू-स्पीच). इस तरह ये लगभग तुरंत ही बातचीत को दूसरी भाषा में बदल देते हैं, जिससे लोग अलग-अलग भाषाओं में भी आसानी से बातचीत कर पाते हैं.

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Published by: Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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