Paytm बंद नहीं हो रहा, UPI ट्रांजैक्शन जारी रखने के लिए मिले 5 हैंडल, जानें पूरी बात

Paytm Payments Bank की कई सर्विसेज आज से बंद हो रही हैं. हालांकि, यूपीआई लेनदेन करनेवाले पेटीएम यूजर्स के लिए राहत की खबर है.

Paytm Crisis Update: पेटीएम को डिजिटल पेमेंट के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) से थर्ड-पार्टी ऐप लाइसेंस मिल गया है. रिजर्व बैंक के आदेश पर पेटीएम की बैंकिंग युनिट बंद होने के बाद पेटीएम यूजर्स के लिए यह राहत भरी खबर है. इससे पेटीएम की मुश्किलें कुछ कम हो जाएंगी.

पेटीएम यूजर्स को यह लाइसेंस यूपीआई के माध्यम से भुगतान के लिए पेटीएम ऐप का उपयोग जारी रखने की अनुमति देगा. मालूम हो कि कुछ मानकों का अनुपालन न करने के कारण पेटीएम की बैंकिंग इकाई पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को 15 मार्च से परिचालन बंद करने को कह दिया गया है.

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वित्तीय प्रौद्योगिकी मंच पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस को यूपीआई लेनदेन जारी रखने के लिए चार बैंकों के साथ साझेदारी में पांच हैंडल मिले हैं. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने यह जानकारी दी है. कंपनी का मौजूदा हैंडल @पेटीएम उन पांच हैंडलों में से एक है, जिन्हें उपयोगकर्ता अपनी ओर से कोई बदलाव किये बिना उपयोग करना जारी रख सकते हैं.

एनपीसीआई ने यस बैंक के साथ साझेदारी में पेटीएम के लिए @पेटीएम और एक बंद उपयोगकर्ता समूह यूपीआई हैंडल @पीटाइप्स को मंजूरी दे दी है.एनपीसीआई ने एचडीएफसी बैंक के साथ @पीटीएचडीएफसी और भारतीय स्टेट बैंक के साथ @पीटीएसबीआई को भी भागीदार के रूप में मंजूरी दे दी है. हालांकि, ये दोनों हैंडल इस समय सक्रिय नहीं हैं.

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पेटीएम के प्रवक्ता ने कहा कि उपयोगकर्ता अपनी ओर से कोई बदलाव किये बिना @पेटीएम हैंडल का निर्बाध रूप से उपयोग करना जारी रख सकते हैं. एनपीसीआई ने 14 मार्च को कंपनी के उपयोगकर्ताओं के लिए यूपीआई लेनदेन जारी रखने के लिए एसबीआई, एक्सिस बैंक, यस बैंक और एचडीएफसी बैंक के सहयोग से पेटीएम के लिए एक तृतीय पक्ष एप्लिकेशन (टीपीएपी) प्रदाता परमिट को मंजूरी दे दी.

पेटीएम के यूपीआई लेनदेन पहले पेटीएम पेमेंट्स बैंक (पीपीबीएल) के माध्यम से किए जा रहे थे, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 15 मार्च के बाद किसी भी ग्राहक खाते में जमा, क्रेडिट लेनदेन या टॉप-अप स्वीकार करने से रोक दिया है.

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वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (ओसीएल) की पीपीबीएल में 49 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा के पास संकटग्रस्त बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी है. (भाषा इनपुट के साथ)

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Author: Rajeev Kumar

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