नया स्मार्टफोन हाथ में आते ही ज्यादातर लोग सबसे पहले कैमरा टेस्ट करते हैं, वॉलपेपर बदलते हैं और पसंदीदा ऐप्स डाउनलोड करने लगते हैं. लेकिन इसी उत्साह में एक बड़ी गलती हो जाती है. फोन की कुछ जरूरी सिक्योरिटी और प्राइवेसी सेटिंग्स डिफॉल्ट मोड में ही रह जाती हैं. यही सेटिंग्स बाद में डेटा लीक, अनचाही ट्रैकिंग और अकाउंट सिक्योरिटी से जुड़ी परेशानियों की वजह बन सकती हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपका नया स्मार्टफोन लंबे समय तक सुरक्षित रहे, तो शुरुआत में ही कुछ जरूरी बदलाव कर लेना बेहतर होगा.
ऐप परमिशन पर रखें सख्त नजर
स्मार्टफोन में इंस्टॉल होने वाले कई ऐप्स जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगते हैं. कई बार लोग बिना पढ़े ही सभी ऐक्सेस दे देते हैं. इससे लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स और दूसरी निजी जानकारी लगातार शेयर होती रहती है. फोन की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर उन ऐप्स की परमिशन सीमित करें जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत नहीं है. इससे डेटा सुरक्षा के साथ बैटरी बैकअप भी बेहतर रहेगा.
ब्राउजर की सेटिंग भी बदल सकती है बड़ा फर्क
अधिकांश एंड्रॉयड फोन में डिफॉल्ट ब्राउजर के रूप में क्रोम मिलता है. हालांकि कई यूजर्स अब ऐसे ब्राउजर चुन रहे हैं जो प्राइवेसी को ज्यादा महत्व देते हैं. यदि आप अपनी ऑनलाइन गतिविधियों को अधिक सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो डिफॉल्ट ब्राउजर की सेटिंग की समीक्षा करना फायदेमंद हो सकता है.
पुराने डिवाइस से अकाउंट का कनेक्शन हटाएं
जब नया फोन खरीदा जाता है तो पुराना डिवाइस अक्सर नजरअंदाज हो जाता है. लेकिन कई बार पुराने फोन, टैबलेट या लैपटॉप अब भी गूगल अकाउंट से जुड़े रहते हैं. ऐसे डिवाइस आपके डेटा के लिए जोखिम बन सकते हैं. अकाउंट सेटिंग्स में जाकर सभी कनेक्टेड डिवाइस की जांच करें और जिनका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं उन्हें हटा दें.
सिम लॉक फीचर को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
स्मार्टफोन की सुरक्षा केवल स्क्रीन लॉक तक सीमित नहीं है. सिम कार्ड पर पिन लॉक लगाने से आपकी सुरक्षा एक स्तर और मजबूत हो जाती है. यदि किसी के हाथ आपकी सिम लग भी जाए, तो वह कॉल, मैसेज या ओटीपी का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. यह फीचर साइबर फ्रॉड से बचाने में काफी मददगार साबित हो सकता है.
लॉक स्क्रीन पर न दिखे निजी जानकारी
लॉक स्क्रीन पर आने वाले नोटिफिकेशन कई बार संवेदनशील जानकारी उजागर कर देते हैं. बैंकिंग ओटीपी, निजी संदेश या महत्वपूर्ण अलर्ट किसी भी व्यक्ति की नजर में आ सकते हैं. बेहतर होगा कि नोटिफिकेशन का पूरा कंटेंट केवल फोन अनलॉक होने पर ही दिखाई दे.
कैमरा और माइक्रोफोन ऐक्सेस की जांच करें
कुछ ऐप्स कैमरा और माइक्रोफोन की अनुमति लेकर बैकग्राउंड में भी सक्रिय रह सकते हैं. इसलिए समय-समय पर यह जांचना जरूरी है कि किन ऐप्स को इन फीचर्स का ऐक्सेस मिला हुआ है. जिन ऐप्स को इसकी जरूरत नहीं है, उनका एक्सेस तुरंत बंद कर देना चाहिए.
फोन को जबरन बंद होने से बचाएं
कई नये स्मार्टफोन में ऐसा फीचर दिया जाता है जो बिना पासवर्ड या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के फोन को बंद या रीस्टार्ट करने से रोकता है. यह सुविधा चोरी या गुम होने की स्थिति में फोन की ट्रैकिंग और सुरक्षा को बेहतर बनाती है. यदि आपके फोन में यह विकल्प उपलब्ध है तो इसे सक्रिय जरूर करें.
क्यों जरूरी हैं ये बदलाव?
स्मार्टफोन अब केवल कॉलिंग डिवाइस नहीं रह गया है. इसमें बैंकिंग, सोशल मीडिया, निजी फोटो, दस्तावेज और कई संवेदनशील जानकारियां मौजूद रहती हैं. ऐसे में शुरुआती कुछ मिनट निकालकर सही सेटिंग्स लागू करना भविष्य की बड़ी परेशानियों से बचा सकता है. थोड़ी सी सावधानी आपके डेटा, अकाउंट और डिजिटल पहचान को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकती है.
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