लैपटॉप यूं ही हो रहा है आग की तरह गर्म? ये कारण नहीं समझे तो हो जाएगा हजारों का नुकसान

Laptop Care Tips: अक्सर लैपटॉप खराब होने की वजह उम्र नहीं, बल्कि ज्यादा गर्म होना होता है. फैन की तेज आवाज, स्लो परफॉर्मेंस और गर्म सतह को हम नजरअंदाज कर देते हैं। बिस्तर, गोद या दीवार से सटाकर रखने जैसी आदतें ओवरहीटिंग बढ़ाती हैं. आइए जानते हैं आखिर अपने लैपटॉप को गर्म होने से कैसे रोक सकते हैं.

Laptop Care Tips: ज्यादातर लैपटॉप खराब होना उम्र या किस्मत की वजह से नहीं होता, बल्कि ज्यादा गर्म होने के कारण होता है. खास बात यह है कि हम अक्सर इस गर्मी को नजरअंदाज करना सीख जाते हैं. लगभग हर किसी ने वो पल महसूस किया होगा जब फैन की आवाज तेज हो जाती है, हाथ रखने की जगह गर्म लगने लगती है और परफॉर्मेंस थोड़ी स्लो हो जाती है, लेकिन लैपटॉप बंद नहीं होता, इसलिए हम काम जारी रखते हैं.

कभी आप लैपटॉप को बिस्तर पर कंबल के ऊपर रखकर काम करते हैं, कभी लंबी कॉल के दौरान गोद में रखते हैं, या फिर भरे हुए डेस्क पर दीवार से सटाकर रख देते हैं. उस वक्त सब ठीक और आरामदायक लगता है, लेकिन असल परेशानी यहीं से शुरू होती है.

लैपटॉप क्यों गर्म हो जाते हैं?

आज के मॉडर्न लैपटॉप काफी पावरफुल होते हैं और इनके अंदर सभी पार्ट्स बहुत पास-पास फिट किए जाते हैं. प्रोसेसर, ग्राफिक्स, बैटरी और स्टोरेज एक ही जगह पर होते हैं, इसलिए गर्मी बनना आम बात है. इसी वजह से कंपनियां सही एयरफ्लो सिस्टम डिजाइन करती हैं. ठंडी हवा वेंट्स से अंदर जाती है, हीट पाइप्स गर्मी को नाजुक हिस्सों से दूर ले जाते हैं और फैन गर्म हवा बाहर निकाल देते हैं. लेकिन अगर यह एयरफ्लो किसी वजह से रुक जाए, तो सिस्टम बिना बताए धीरे-धीरे परेशानी में पड़ने लगता है.

लैपटॉप गर्म होने के क्या नुकसान हैं? 

टूटी हुई स्क्रीन या खराब हिंग की तरह ओवरहीटिंग तुरंत दिखाई नहीं देती. यह धीरे-धीरे असर दिखाती है. बैटरी जल्दी कमजोर होने लगती है, थर्मल पेस्ट सूख जाता है और फैन ज्यादा मेहनत करने लगते हैं, जिससे वे जल्दी घिस जाते हैं. कंपोनेंट्स बार-बार स्लो होने लगते हैं और इससे गर्मी और बढ़ती है.

समय के साथ यह ऐसी खराबियों में बदल जाता है, जिनकी मरम्मत महंगी पड़ती है या कई बार संभव ही नहीं होती. पतले लैपटॉप्स में तो एक छोटा सा पार्ट खराब होने पर पूरा असेंबली बदलनी पड़ सकती है. यही वजह है कि छोटी-छोटी आदतें आगे चलकर बड़े रिपेयर खर्च में बदल जाती हैं.

लैपटॉप को कैसे सेफ रखें?

सबसे आसान नियम ही असल में सबसे असरदार होता है और वो यह है कि अपने लैपटॉप को सांस लेने दें. कोशिश करें कि उसे हमेशा किसी समतल और सख्त सतह पर यूज करें. बेड, सोफा या कुशन जैसी मुलायम जगहों पर रखने से एयर वेंट पूरी तरह ढक जाते हैं और गर्मी अंदर ही फंस जाती है. यहां तक कि टेबल पर भी अगर वेंट दीवार या सामान से सट जाएं, तो दिक्कत हो सकती है.

लैपटॉप का पिछला हिस्सा थोड़ा ऊपर उठाने से एयरफ्लो उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर हो जाता है. साधारण स्टैंड या कूलिंग पैड इसलिए काम का होता है, क्योंकि वह गर्म हवा को बाहर निकलने की जगह देता है. इससे अंदर के पार्ट्स पर लंबे समय में पड़ने वाला दबाव कम होता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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