Instant geyser vs Storage geyser: सर्दियों में गलत गीजर बढ़ा सकता है बिजली बिल, जानें कौन सा आपके लिए सही

Instant geyser vs Storage geyser: सर्दियों में सही गीजर चुनना बहुत जरूरी है. जब आप गीजर के ऑप्शन देखेंगे तो आपको पहला इंस्टेंट गीजर और दूसरा स्टोरेज गीजर दिखाई देगा. ये दोनों गीजर के अपने-अपने फायदे और नुकसान दोनों हैं. दोनों के बीच का फर्क समझना बहुत जरूरी है क्योंकि सही गीजर चुनकर बढ़ते बिजली बिल और ठंडे पानी की परेशानी से बच सकते हैं.

Instant geyser vs Storage geyser: सर्दियों की सुबह नहाते समय जब अचानक बर्फ जैसा ठंडा पानी गिरता है, तभी कई लोगों को एहसास होता है कि उनका गीजर ठीक से काम नहीं कर रहा. कभी पानी गर्म होने में बहुत समय लग जाता है, कभी नहाते-नहाते गर्म पानी खत्म हो जाता है, तो कभी बिना वजह बिजली का बिल बढ़ जाता है. ऐसे में लोग नया गीजर लेने के बारे में सोचने लगते हैं, और आमतौर पर दो ऑप्शन सामने आते दिखाई पड़ते हैं. पहला इंस्टेंट गीजर और दूसरा स्टोरेज गीजर.

दोनों ही गर्म पानी देने के लिए बने होते हैं, लेकिन जब सर्दियों में पानी बहुत ठंडा आता है, तब इनकी परफॉर्मेंस में काफी फर्क दिखता है. पानी कितनी जल्दी गर्म होगा, प्रेशर कैसा रहेगा, बिजली कितनी खर्च होगी और डेली यूज में कितना आराम मिलेगा. ये सब बातें इस बात पर निर्भर करती हैं कि आपने कौन-सा गीजर चुना है. इसलिए आज हम आपको इन दोनों गीजर के बीच का फर्क बतातेने जा रहे हैं, ताकि आप अपनी जरूरत के हिसाब से सही गीजर चुन सकें.

इंस्टेंट गीजर के फायदे और नुकसान

इंस्टेंट गीजर तभी पानी गरम करते हैं जब आप नल खोलते हैं. इसमें आपको इंतजार नहीं करना पड़ता, इसलिए ठंडी सर्दियों की सुबह में ये बहुत काम के होते हैं, जब तुरंत गरम पानी चाहिए होता है. ये साइज में छोटे होते हैं और ज्यादा जगह भी नहीं घेरते, इसी वजह से छोटे बाथरूम, किचन या गेस्ट वॉशरूम के लिए सही रहते हैं.

इनका एक बड़ा फायदा बिजली की बचत है. क्योंकि ये जरूरत पड़ने पर ही पानी गरम करते हैं, इसलिए स्टोरेज गीजर के मुकाबले कम बिजली खर्च करते हैं. साथ ही इनमें टंकी नहीं होती, तो जंग लगने या स्केल जमने की परेशानी भी कम होती है और मेंटेनेंस आसान रहता है.

हालांकि, ज्यादा इस्तेमाल के लिए इंस्टेंट गीजर सही नहीं माने जाते. इनमें पानी का फ्लो सीमित होता है, इसलिए लंबे समय तक नहाने के लिए ये उतने बेहतर नहीं हैं. ये हाथ धोने, शेव करने या किचन के हल्के कामों के लिए ज्यादा सही रहते हैं.

स्टोरेज गीजर के फायदे और नुकसान

स्टोरेज गीजर पानी को गर्म करके एक टैंक में जमा कर लेते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सके. इसी वजह से सर्दियों में ये काफी पसंद किए जाते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो ज्यादा देर तक गर्म पानी से नहाना पसंद करते हैं. एक बार पानी गर्म हो जाए तो ये लगातार और तेज फ्लो में गर्म पानी देते हैं, जो परिवार में कई लोगों के लगातार नहाने के लिए काम आता है.

हालांकि इनके कुछ नुकसान भी हैं. अगर टंकी का सारा गर्म पानी खत्म हो जाए तो दोबारा गर्म होने के लिए आपको इंतजार करना पड़ता है. ये साइज में बड़े और वजन में भारी होते हैं, इसलिए छोटे बाथरूम में दिक्कत हो सकती है. समय के साथ टंकी के अंदर कैल्शियम जैसी गंदगी जम सकती है, इसलिए इसकी रेगुलर सर्विसिंग जरूरी होती है. साथ ही, सर्दियों में बार-बार पानी गर्म करने की वजह से ये बिजली भी ज्यादा खर्च करते हैं.

कौन सा गीजर आपके घर के लिए सही?

अगर आपको थोड़ा-बहुत गर्म पानी चाहिए और आप कम जगह में लगने वाला, बिजली बचाने वाला ऑप्शन चाहते हैं, तो इंस्टेंट गीजर आपके लिए अच्छा रहेगा. लेकिन अगर आपके घर में लोग ज्यादा हैं या सर्दियों में आप लंबा और बिना रुके गर्म पानी से नहाना पसंद करते हैं, तो स्टोरेज गीजर बेहतर होता है. आखिर में सही गीजर वही होगा जो आपके इस्तेमाल, घर की जगह और ठंड के मौसम में आपकी जरूरतों के हिसाब से फिट बैठे.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

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बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

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