गैस संकट में बड़े काम आयेगा यह इंडक्शन, किसी भी बर्तन में बनेगा खाना

गैस संकट के बीच इन्फ्रारेड कुकटॉप की डिमांड बढ़ रही है. इंडक्शन की तुलना में यह ज्यादा फ्लेक्सिबल है और पुराने बर्तनों में भी काम करता है.

भारत में एलपीजी गैस संकट और बढ़ती कीमतों के बीच लोग तेजी से बिजली से चलने वाले कुकटॉप की ओर रुख कर रहे हैं. खासकर इन्फ्रारेड कुकटॉप की डिमांड बढ़ रही है क्योंकि यह किसी भी बर्तन में खाना बनाने की सुविधा देता है. यानी आपको महंगे मैग्नेटिक कुकवेयर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती.

इंडक्शन बनाम इन्फ्रारेड कुकटॉप

इंडक्शन कुकटॉप इलेक्ट्रो मैग्नेटिक एनर्जी से सीधे मैग्नेटिक बर्तनों को गर्म करता है. इसका फायदा यह है कि यह पावर सेविंग है, लेकिन इसमें सिर्फ खास बर्तन ही काम करते हैं. वहीं इन्फ्रारेड कुकटॉप हेलोजन बल्ब या मेटल एलॉय रिबन्स से हीट पैदा करता है और सरफेस को गर्म करता है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें घर के पुराने बर्तन भी इस्तेमाल किये जा सकते हैं.

मार्केट में मौजूद ऑप्शंस

Prestige Electro Duo Infrared + Induction Combo Cooktop: इसमें 1600W का इंडक्शन और 2000W का इन्फ्रारेड दिया गया है. कीमत ₹7,695 है.

Wonderchef Infrared Cooktop: डिस्प्ले और कंट्रोल्स के साथ आता है. कीमत ₹3,499 है.

Hilton Infrared Cooktop: इसमें डिजिटल डिस्प्ले, 3 प्रीसेट फंक्शन और टाइमर दिया गया है. साथ ही, ऑटो-कूलिंग सिस्टम भी है.

किसके लिए बेहतर

अगर आप चाहते हैं कि घर के पुराने बर्तन भी काम आएं और इंस्टॉलेशन की झंझट न हो, तो इन्फ्रारेड कुकटॉप आपके लिए बेस्ट है. वहीं अगर आप पावर सेविंग और फास्ट कुकिंग चाहते हैं तो इंडक्शन कुकटॉप बेहतर रहेगा.

यह भी पढ़ें: LPG चूल्हा या इलेक्ट्रिक स्टोव- सस्ता और सुरक्षित विकल्प कौन?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >