Ind vs Aus मैच में दुबई के स्टेडियम में बैठने वाले वो नहीं देख पा रहे जो आप देख रहे हैं, ये है राज

IND Vs AUS ICC Champions Trophy 2025 Cameras: टूर्नामेंट के दौरान, कुल 36 कैमरों का जाल बिछाया गया, जिन्होंने मैदान के हर कोने को कवर किया. यह व्यापक कैमरा सेटअप इस बात को सुनिश्चित करने के लिए था कि कोई भी महत्वपूर्ण क्षण दर्शकों की नजरों से छूट न पाए.

IND Vs AUS ICC Champions Trophy 2025 Cameras: आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 आपने आखिरी पड़ाव पर है. क्रिकेट चैंपियनशिप के प्रसारण के क्षेत्र में एक नयी क्रांति देखने को मिली, जहां अत्याधुनिक कैमरा सेटअप और तकनीकों का उपयोग किया गया. इससे दर्शकों को एक अभूतपूर्व और इमर्सिव एक्सपीरिएंस मिला, जो एक तरह से क्रिकेट देखने के तरीके को बदल कर रख देनेवाला है.

36 कैमरों का व्यापक नेटवर्क

टूर्नामेंट के दौरान, कुल 36 कैमरों का जाल बिछाया गया, जिन्होंने मैदान के हर कोने को कवर किया. इनमें मुख्य कैमरे, बाउंड्री कैमरे, स्टंप कैमरे, स्पाइडर कैम, अल्ट्रा स्लो-मोशन कैमरे, हेलमेट कैमरे और रोबोटिक कैमरे शामिल हैं. यह व्यापक कैमरा सेटअप इस बात को सुनिश्चित करने के लिए था कि कोई भी महत्वपूर्ण क्षण दर्शकों की नजरों से छूट न पाए.

360-डिग्री वर्चुअल फील्ड मॉडल

एक और महत्वपूर्ण इनोवेशन 360-डिग्री वर्चुअल फील्ड मॉडल का उपयोग है. यह तकनीक दर्शकों को मैच के दौरान किसी भी एंगल से मैदान काे देखने की सुविधा देती है. इससे वे खेल के हर पहलू को और भी करीब से महसूस कर सके. यह इंटरएक्टिव फीचर क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक नया और रोमांचक अनुभव प्रदान करता है.

आधुनिक क्रिकेट प्रसारण में, उन्नत कैमरा तकनीकों का उपयोग किया जाता है ताकि दर्शकों को एक समृद्ध और इंटरैक्टिव अनुभव प्रदान किया जा सके. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में, कुल 36 कैमरों का उपयोग किया गया, जिसमें 360-डिग्री वर्चुअल फील्ड मॉडल शामिल है, जिससे कवरेज की क्वालिटी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली.

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क्रिकेट प्रसारण में किस तरह के कैमरों का होता है इस्तेमाल?

स्पाइडरकैम (Spidercam): यह एक केबल-सस्पेंडेड कैमरा सिस्टम है, जो मैदान के ऊपर हॉरिजॉन्टली (क्षैतिज) और वर्टिकली (ऊर्ध्वाधर), दोनों दिशाओं में गतिशीलता प्रदान करती है, जिससे दर्शकों को अद्वितीय एरियल शॉट्स मिलते हैं.

अल्ट्रा मोशन कैमरा: तेजी से होने वाली क्रियाओं को धीमी गति में कैप्चर करने के लिए उपयोग किया जाता है, जिससे दर्शक गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग की बारीकियों का आनंद ले सकते हैं.

ड्रोन कैमरा: मैदान के ऊपर से व्यापक दृश्य प्रदान करने के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जाता है, जिससे दर्शकों को खेल का एक नया परिप्रेक्ष्य मिलता है.

स्टंप कैमरा: स्टंप्स में लगे छोटे कैमरे विकेट के पीछे से दृश्य प्रदान करते हैं, जिससे दर्शक गेंदबाज और बल्लेबाज के बीच की प्रतिस्पर्धा को करीब से देख सकते हैं.

बग्गी कैम (Buggy Cam): यह कैमरा एक छोटे वाहन पर लगाया जाता है जो मैदान के चारों ओर घूमकर निचले कोण से शॉट्स कैप्चर करता है, जिससे दर्शकों को एक अनूठा दृश्य मिलता है.

क्रिकेट, मैच और कैमरा : बदलती तकनीक के साथ कदम-ताल

इन तकनीकों के समावेश से क्रिकेट प्रसारण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है, जिससे दर्शकों को एक समृद्ध और इंटरैक्टिव अनुभव मिलता है. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अपनायी गई ये अत्याधुनिक तकनीकें क्रिकेट प्रसारण के मानकों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएंगी. दर्शकों को एक समृद्ध और इमर्सिव अनुभव मिलेगा, जो उन्हें खेल के और भी करीब लाएगा.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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