AC चलेगा रात-दिन, फिर भी बिल की होगी नो टेंशन, जानिए स्मार्ट सोलर फॉर्मूला

हाइब्रिड सोलर सिस्टम, लिथियम बैटरी और 5-स्टार एसी की मदद से बिजली खर्च में बड़ी बचत की जा सकती है. जानिए कौन से उपाय आपके एसी का खर्च कम कर सकते हैं.

गर्मी के मौसम में एसी राहत तो देता है, लेकिन हर महीने आने वाला भारी-भरकम बिजली बिल लोगों की चिंता बढ़ा देता है. कई लोग सोचते हैं कि क्या ऐसा कोई तरीका है जिससे एसी का इस्तेमाल भी हो और बिजली का खर्च भी कम हो जाए. अच्छी बात यह है कि आज की आधुनिक सोलर टेक्नोलॉजी की मदद से ऐसा संभव हो रहा है. सही सोलर सिस्टम, बेहतर एसी और कुछ स्मार्ट उपाय अपनाकर बिजली बिल को काफी हद तक कम किया जा सकता है. कई घरों में तो एसी चलाने का खर्च लगभग शून्य तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.

हाइब्रिड सोलर सिस्टम क्यों बन रहा है पहली पसंद?

बिजली बचाने के लिए अब केवल पारंपरिक सोलर सिस्टम पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. हाइब्रिड सोलर सिस्टम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि यह ग्रिड बिजली और सोलर एनर्जी दोनों का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करता है. दिन में सोलर पैनल से मिलने वाली ऊर्जा का उपयोग होता है, जबकि जरूरत पड़ने पर सिस्टम ग्रिड या बैटरी का सहारा ले लेता है. यही वजह है कि एसी जैसे ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरण भी आसानी से चलाए जा सकते हैं.

सही सोलर क्षमता का चुनाव है सबसे जरूरी

एसी घर के सबसे ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपकरणों में शामिल होता है. इसलिए अगर लक्ष्य बिजली बिल कम करना है, तो सोलर सिस्टम की क्षमता भी उसी हिसाब से चुननी होगी. विशेषज्ञ मानते हैं कि एसी के साथ अन्य घरेलू उपकरणों को ध्यान में रखकर सोलर पैनल लगाना बेहतर रहता है. कम क्षमता वाला सिस्टम लगाने से अपेक्षित बचत नहीं मिल पाती.

लिथियम बैटरी से मिलेगा लंबा बैकअप

अगर दिन के साथ-साथ शाम या रात में भी एसी चलाना चाहते हैं, तो बैटरी स्टोरेज अहम भूमिका निभाता है. नई पीढ़ी की लिथियम बैटरियां तेजी से चार्ज होती हैं और लंबे समय तक चलती हैं. इनकी कार्यक्षमता भी पारंपरिक बैटरियों की तुलना में बेहतर मानी जाती है. ऐसे में सोलर सिस्टम के साथ लिथियम बैटरी का संयोजन अधिक प्रभावी साबित हो सकता है.

5-स्टार एसी और सही तापमान से होगी बड़ी बचत

सिर्फ सोलर सिस्टम लगाना ही काफी नहीं है. बिजली की खपत कम रखने के लिए ऊर्जा दक्ष एसी का चयन भी जरूरी है. 5-स्टार रेटिंग वाला एसी कम बिजली में बेहतर कूलिंग देने के लिए जाना जाता है. इसके अलावा एसी को बहुत कम तापमान पर चलाने से बचना चाहिए. 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान सेट करने से बिजली की खपत कम होती है और कूलिंग भी आरामदायक बनी रहती है.

छोटी-छोटी आदतें भी कम कर सकती हैं बिल

कई बार घर के अंदर की ठंडी हवा दरवाजों और खिड़कियों के गैप से बाहर निकल जाती है. इससे एसी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और बिजली की खपत बढ़ जाती है. इसलिए कमरे को अच्छी तरह सील रखना जरूरी है. इसके अलावा समय-समय पर एसी की सर्विसिंग और फिल्टर की सफाई भी ऊर्जा बचत में मदद करती है.

क्या सच में जीरो बिजली बिल संभव है?

पूरी तरह शून्य बिजली बिल हर घर में संभव नहीं होता क्योंकि यह बिजली की खपत, सोलर सिस्टम की क्षमता और मौसम पर निर्भर करता है. लेकिन सही योजना के साथ बिजली खर्च में बड़ी कमी जरूर लाई जा सकती है. बढ़ती बिजली दरों के दौर में सोलर और ऊर्जा दक्ष उपकरणों का मेल भविष्य का एक मजबूत समाधान बनकर उभर रहा है.

यह भी पढ़ें: 700 रुपये की यह डिवाइस बचाएगी AC और गीजर से होने वाले हादसों से, जानिए कैसे

यह भी पढ़ें: 1 आउटडोर यूनिट से चलेंगे 5 AC, पूरे घर को ठंडा करेगा यह स्मार्ट सिस्टम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >