सिर्फ छूते ही मोबाइल की स्क्रीन कैसे काम करने लगती है? जानें इसके पीछे की टेक्नोलॉजी

Mobile Touchscreen: आपने कभी सोचा है कि सिर्फ छूते ही मोबाइल स्क्रीन कैसे काम करती है? इसमें छुपा है एक इलेक्ट्रिक लेयर और ट्विस्टेड नेमैटिक लिक्विड क्रिस्टल, जो आपकी उंगली के टच से तुरंत एक्टिव हो जाता है. स्क्रीन पर जो भी आप देखते हैं, वो इसी जादुई लिक्विड की वजह से जीवंत लगता है. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

आज के समय में लगभग किसी के हाथ में स्मार्टफोन है. हर कोई बड़ी स्क्रीन वाला टच फोन इस्तेमाल करता है. लेकिन कभी आपने सोचा है कि ये टच स्क्रीन असल में काम कैसे करता है? वो कौन-सी चीज है जो हमारी उंगली छूते ही एक्टिव हो जाती है? कई लोग मानते हैं कि स्क्रीन के अंदर कोई लिक्विड भरा होता है, जो छूते ही काम करने लगता है. लेकिन असलियत क्या है, और आपका फोन कैसे काम करता है? आइए आसान शब्दों में समझते हैं.

मोबाइल की स्क्रीन काम कैसे करती है?

असल में, मोबाइल का टच स्क्रीन एक इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले होता है. इस स्क्रीन के नीचे एक LCD यानी लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले होती है. उसके ठीक नीचे एक ऐसा लेयर होता है जो इलेक्ट्रिकली कंडक्टिव होता है और टच-सेंसिटिव भी होता है.

जब आप स्क्रीन को छूते हैं, तो इसमें से इलेक्ट्रिक वेव्स गुजरती हैं और ये वेव्स बता देती हैं कि स्क्रीन के किस हिस्से को आपने टच किया. ये जानकारी फोन के प्रोसेसर के जरिए कंट्रोलर तक जाती है और तुरंत आपको स्क्रीन पर उसका रिजल्ट दिखाई देता है. और सबसे मजेदार बात ये है कि ये सब इतनी तेजी से होता है कि आपको लगता ही नहीं कि कोई प्रोसेसिंग हो रही है.

स्क्रीन सिर्फ छूने भर से काम नहीं करती. इसमें लिक्विड क्रिस्टल टेक्नोलॉजी इस्तेमाल होती है. यानी जो भी आप वीडियो, फोटो या टेक्स्ट देखते हैं, वो इलेक्ट्रिक सिग्नल्स के जरिए स्क्रीन पर दिखाई देते हैं. स्क्रीन के नीचे बहुत ही पतली लिक्विड क्रिस्टल की लेयर होती है, जो बिजली की तरंगों के सहारे इमेज या वीडियो को दिखाती है. आसान शब्दों में कहें तो, ये लिक्विड क्रिस्टल ही आपके फोन के स्क्रीन पर सब कुछ जीवंत बनाता है.

स्क्रीन के अंदर कौन सी लिक्विड होती है?

सिर्फ कांच और पिक्सल ही नहीं, स्क्रीन अंदर एक खास तरह का लिक्विड भरा होता है. इसे ‘ट्विस्टेड नेमैटिक लिक्विड क्रिस्टल’ कहते हैं. सबसे मजेदार बात ये है कि ये लिक्विड लाइट को घुमा और पोलराइज कर सकता है. यही कारण है कि आपके फोन पर वीडियो और फोटो इतने क्रिस्प और साफ दिखते हैं.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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