Grok AI स्कैंडल: तो क्या सच में बेलगाम हो गई है AI इंडस्ट्री?

Grok AI विवाद पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के "गॉडफादर" कहे जाने वाले Yoshua Bengio ने कहा, AI कंपनियां बिना गार्डरेल्स खतरनाक सिस्टम बना रही हैं.

By Rajeev Kumar | January 15, 2026 11:53 PM

Grok AI स्कैंडल: सर्दियों की तरह अचानक आई इस खबर ने टेक दुनिया को हिला दिया. एलन मस्क के प्लैटफॉर्म X पर Grok AI से बने नॉन-कंसेंशुअल इमेजेस ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. इस पूरे मामले पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के “गॉडफादर” कहे जाने वाले योशुआबेंगियो ने चेतावनी दी है कि AI कंपनियां बिना सही नियम और नैतिक सीमाओं के बेहद ताकतवर सिस्टम बना रही हैं.

Grok AI पर बैन, X का बड़ा फैसला

X ने घोषणा की है कि अब Grok AI किसी भी असली इंसान की तस्वीर को बदलकर सेक्सुअलाइज्ड इमेज नहीं बना पाएगा. यहां तक कि प्रीमियम सब्सक्राइबर भी इस फीचर का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. यह कदम भारी पब्लिक और पॉलिटिकल दबाव के बाद उठाया गया.

बेंगियो की चेतावनी:”AI को चाहिए गार्डरेल्स”

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगियो ने साफ कहा कि इंडस्ट्री पूरी तरह “फ्री फॉर ऑल” नहीं है, लेकिन यह बहुत ज्यादा अनकंट्रोल्ड हो चुकी है. उनका मानना है कि जैसे-जैसे कंपनियां फ्रंटियर AI बना रही हैं, वैसे-वैसे इसके नकारात्मक असर आम लोगों पर साफ दिखने लगे हैं.

समाधान है नैतिक दिग्गजों को बोर्ड पर लाना

बेंगियो ने अपने AI सेफ्टी लैब Law Zero में बड़े नामों को जोड़ाहै. इतिहासकार युवालनोआ हरारी, पूर्व Rolls-Royce CEO सर जॉन रोज, और Nike Foundation की संस्थापक मारिया ईटेल अब इस लैब का हिस्सा हैं. उनका मानना है कि टेक्निकल डिस्कशन से ज्यादा जरूरी है कि AI पर नैतिक फैसले लिए जाएं.

“गॉडफादर ऑफ AI” की विरासत

2018 में ट्यूरिंग अवॉर्ड जीतने वाले बेंगियो ने यह खिताब Geoffrey Hinton और Yann Le Cun के साथ साझा किया था. अब वे AI को सुरक्षित दिशा देने के लिए ग्लोबल लीडर्स और थिंकर्स को साथ ला रहे हैं.

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