Grok AI स्कैंडल: तो क्या सच में बेलगाम हो गई है AI इंडस्ट्री?

Grok AI विवाद पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के "गॉडफादर" कहे जाने वाले Yoshua Bengio ने कहा, AI कंपनियां बिना गार्डरेल्स खतरनाक सिस्टम बना रही हैं.

Grok AI स्कैंडल: सर्दियों की तरह अचानक आई इस खबर ने टेक दुनिया को हिला दिया. एलन मस्क के प्लैटफॉर्म X पर Grok AI से बने नॉन-कंसेंशुअल इमेजेस ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. इस पूरे मामले पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के “गॉडफादर” कहे जाने वाले योशुआबेंगियो ने चेतावनी दी है कि AI कंपनियां बिना सही नियम और नैतिक सीमाओं के बेहद ताकतवर सिस्टम बना रही हैं.

Grok AI पर बैन, X का बड़ा फैसला

X ने घोषणा की है कि अब Grok AI किसी भी असली इंसान की तस्वीर को बदलकर सेक्सुअलाइज्ड इमेज नहीं बना पाएगा. यहां तक कि प्रीमियम सब्सक्राइबर भी इस फीचर का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. यह कदम भारी पब्लिक और पॉलिटिकल दबाव के बाद उठाया गया.

बेंगियो की चेतावनी:”AI को चाहिए गार्डरेल्स”

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगियो ने साफ कहा कि इंडस्ट्री पूरी तरह “फ्री फॉर ऑल” नहीं है, लेकिन यह बहुत ज्यादा अनकंट्रोल्ड हो चुकी है. उनका मानना है कि जैसे-जैसे कंपनियां फ्रंटियर AI बना रही हैं, वैसे-वैसे इसके नकारात्मक असर आम लोगों पर साफ दिखने लगे हैं.

समाधान है नैतिक दिग्गजों को बोर्ड पर लाना

बेंगियो ने अपने AI सेफ्टी लैब Law Zero में बड़े नामों को जोड़ाहै. इतिहासकार युवालनोआ हरारी, पूर्व Rolls-Royce CEO सर जॉन रोज, और Nike Foundation की संस्थापक मारिया ईटेल अब इस लैब का हिस्सा हैं. उनका मानना है कि टेक्निकल डिस्कशन से ज्यादा जरूरी है कि AI पर नैतिक फैसले लिए जाएं.

“गॉडफादर ऑफ AI” की विरासत

2018 में ट्यूरिंग अवॉर्ड जीतने वाले बेंगियो ने यह खिताब Geoffrey Hinton और Yann Le Cun के साथ साझा किया था. अब वे AI को सुरक्षित दिशा देने के लिए ग्लोबल लीडर्स और थिंकर्स को साथ ला रहे हैं.

यह भी पढ़ें: Grok अब नहीं बनाएगा AI से अश्लील तस्वीरें, X ने रोकी इमेज क्रिएशन

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >