AI इंफ्रास्ट्रक्चर को सरकार करेगी सपोर्ट, 50 प्रतिशत तक करेगी फंडिंग

MeitY ने मार्च 2026 तक इंडिया एआई मिशन के तहत स्वीकृत जीपीयू-आधारित सर्वर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है.

सरकार निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में स्थापित होने वाले एआई कंप्यूट बुनियादी ढांचे में से 50 प्रतिशत तक वित्त पोषण करेगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. उद्योग मंडल सीआईआई के वार्षिक कारोबारी शिखर सम्मेलन में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सचिव एस कृष्णन ने कहा कि सरकार जल्द ही देश में कम से कम 10,000 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) आधारित कंप्यूटिंग क्षमता स्थापित करने पर विचार कर रही है.

कृष्णन ने कहा, सरकार इस बुनियादी ढांचे को बनाने की लागत का कम से कम 50 प्रतिशत तक देने को तैयार है. पूरी प्रक्रिया को तेज करने के लिए विभिन्न निजी संस्थानों के साथ साझेदारी करने का इरादा है, ताकि हम इस क्षमता को शीघ्रता से उपलब्ध कराने के लिए निजी क्षेत्र के साथ काम करें.

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एमईआईटीवाई ने मार्च 2026 तक इंडिया एआई मिशन के तहत स्वीकृत जीपीयू-आधारित सर्वर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. मंत्रिमंडल ने देश में एआई विकास को प्रोत्साहित करने के लिए भारत एआई मिशन को मंजूरी दी है. इसके तहत पांच वर्षों में 10,372 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रावधान है.

दुनिया भर में एआई के तेजी से विकास के कारण जीपीयू-आधारित सर्वर की मांग बढ़ी है, क्योंकि वे सीपीयू-आधारित सर्वर की तुलना में अधिक गति से डेटा प्रसंस्करण कर सकते हैं.

कृष्णन ने कहा कि सरकार के पास अपने इस्तेमाल के लिए एक अलग क्षमता है और भारत एआई मिशन के तहत जीपीयू क्षमता अलग से स्थापित की जाएगी.

सरकार एआई कंप्यूट बुनियादी ढांचे के लिए कितने प्रतिशत वित्त पोषण करेगी?

सरकार इस बुनियादी ढांचे की लागत का 50 प्रतिशत तक वित्त पोषण करेगी।

कितनी जीपीयू आधारित कंप्यूटिंग क्षमता स्थापित करने की योजना है?

सरकार देश में कम से कम 10,000 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) आधारित कंप्यूटिंग क्षमता स्थापित करने पर विचार कर रही है।

इंडिया एआई मिशन का लक्ष्य क्या है?

इंडिया एआई मिशन के तहत, मार्च 2026 तक जीपीयू-आधारित सर्वर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार जीपीयू सर्वरों की मांग को क्यों प्रोत्साहित कर रही है?

दुनिया भर में एआई के तेजी से विकास के कारण जीपीयू-आधारित सर्वरों की मांग बढ़ी है, क्योंकि वे सीपीयू-आधारित सर्वरों की तुलना में अधिक तेजी से डेटा प्रसंस्करण कर सकते हैं।

कृष्णन ने इस योजना के लिए कौन-से साझेदारों के साथ काम करने का इरादा जताया है?

कृष्णन ने विभिन्न निजी संस्थानों के साथ साझेदारी करने का इरादा जताया है ताकि इस क्षमता को शीघ्रता से उपलब्ध कराया जा सके।

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