दिल्ली पुलिस को मिला एसी हेलमेट, चिलचिलाती गर्मी में भी ठंडक देगी सोलर पावर्ड कूलिंग टेक्नोलॉजी

दिल्ली पुलिस ने भीषण गर्मी से राहत देने के लिए एसी हेलमेट की टेस्टिंग चल रही है. थर्मो-कूलिंग तकनीक, सोलर पावर और बैटरी सपोर्ट वाला यह हेलमेट हीटवेव में नई उम्मीद बन सकता है.

दिल्ली की झुलसाने वाली गर्मी में जहां आम लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं, वहीं सड़कों पर घंटों ड्यूटी देने वाले पुलिसकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को सुरक्षित और स्वस्थ रखना है. इसी चुनौती का समाधान खोजने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक अनोखी पहल शुरू की है. राजधानी में पहली बार ऐसे हाई-टेक एसी हेलमेट का ट्रायल किया जा रहा है, जो भीषण गर्मी के बीच पुलिस अधिकारियों को ठंडक पहुंचाने में मदद करेगा. 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहे तापमान के बीच यह तकनीक चर्चा का विषय बन गई है.

गर्मी से राहत देने के लिए शुरू हुआ नया प्रयोग

दिल्ली में हर साल गर्मियों के दौरान हीटवेव का असर बढ़ता जा रहा है. ट्रैफिक कंट्रोल और सड़क सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियों के कारण पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक खुले में खड़ा रहना पड़ता है. ऐसे में दिल्ली पुलिस ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एसी हेलमेट का परीक्षण शुरू किया है. फिलहाल इसका ट्रायल नई दिल्ली के तीन मूर्ति राउंडअबाउट क्षेत्र में किया जा रहा है.

बिना कंप्रेसर के कैसे करता है कूलिंग?

यह हेलमेट पारंपरिक एयर कंडीशनर की तरह काम नहीं करता. इसके अंदर थर्मो-कूलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. यह तकनीक बाहर की गर्म हवा को खींचकर विशेष कूलिंग प्लेट्स की मदद से ठंडा करती है और फिर यूजर को राहत देती है. यही वजह है कि हेलमेट को हल्का रखने के साथ-साथ ऊर्जा की खपत भी कम रखी गई है.

12 डिग्री तक ठंडक का दावा

परीक्षण के दौरान सामने आया है कि यह स्मार्ट हेलमेट बाहरी तापमान की तुलना में लगभग 8 से 12 डिग्री सेल्सियस तक ठंडक का अनुभव करा सकता है. भीषण धूप और लू के दौरान यह अंतर काफी बड़ा और महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यदि ट्रायल सफल रहता है तो भविष्य में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है.

सोलर और बैटरी दोनों से चलता है हेलमेट

इस हेलमेट की खास बात यह है कि यह सोलर पावर और बैटरी दोनों पर काम कर सकता है. बैटरी को सीधे हेलमेट में लगाने के बजाय पुलिसकर्मियों की कमर पर लगाया जाता है, जिससे सिर पर अतिरिक्त वजन महसूस नहीं होता. हेलमेट का वजन करीब 500 ग्राम बताया जा रहा है. इसके साथ आंखों की सुरक्षा के लिए विशेष शील्ड भी दी गई है.

सिर्फ हेलमेट नहीं, पूरा हीटवेव प्रोटेक्शन पैकेज

दिल्ली पुलिस ने गर्मी से बचाव के लिए केवल एसी हेलमेट पर ही भरोसा नहीं किया है. ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को पोर्टेबल बैटरी फैन, पीने के पानी की बोतल और ओआरएस भी उपलब्ध कराया जा रहा है. इसका मकसद डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं के खतरे को कम करना है. इस पहल को लेकर लोगों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और पुलिस विभाग की सराहना की है.

क्या भविष्य में अन्य राज्यों में भी दिखेगी यह तकनीक?

जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी के दौर में ऐसे इनोवेशन सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं. यदि दिल्ली पुलिस का यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों की पुलिस और ट्रैफिक एजेंसियां भी ऐसी तकनीक अपनाने पर विचार कर सकती हैं.

यह भी पढ़ें: 99% लोग नहीं जानते Cooler में भरा पानी जाता कहां है और AC में आता कहां से है?

यह भी पढ़ें: इन्वर्टर बैटरी में कब और कितना डालना चाहिए पानी? जानिए सही तरीका

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >