DeepSeek: चीन के छोटे स्टार्टअप ने सिलिकॉन वैली में कैसे मचाया तूफान? पस्त हो गई दिग्गज अमेरिकी कंपनियां

DeepSeek R1 एक चीनी AI मॉडल है. हफ्तेभर में यह इतना पॉपुलर हो गया है कि इसने ChatGPT को पीछे छोड़ दिया है. जानिए ऐसा क्या खास है इसमें-

OpenAI के ChatGPT को पीछे छोड़ते हुए चीनी एआई मॉडल DeepSeek R1 ने बाजार में तूफान मचा दिया है. केवल एक हफ्ते में इसने अमेरिकी मार्केट से अरबों डॉलर्स का नुकसान किया है. DeepSeek पूरी तरह से मुफ्त है, जबकि ChatGPT के अधिकांश फीचर्स पेड हैं. साथ ही, DeepSeek का कोड ओपन सोर्स है, जिससे यूजर्स कस्टम Chatbots बना सकते हैं.

साइबर अटैक के कारण नये रजिस्ट्रेशन बंद

हाल ही में DeepSeek पर साइबर अटैक हुआ, जिसके कारण नये रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए गए हैं. कंपनी ने कहा कि सर्वर्स पर बड़े पैमाने पर हमले हुए हैं, जिससे नये यूजर्स साइन अप नहीं कर पा रहे हैं. लेकिन पहले साइन अप करने वाले यूजर्स इसे बिना किसी रुकावट के उपयोग कर सकते हैं.

ChatGPT से अधिक सस्ता और बेहतर

DeepSeek R1 का मॉडल ChatGPT से अधिक सस्ता और कुशल साबित हो रहा है. OpenAI के मुकाबले DeepSeek की लागत बेहद कम है. उदाहरण के तौर पर OpenAI को 1 मिलियन इनपुट टोकन पर 15 डॉलर खर्च होते हैं, जबकि DeepSeek केवल 0.55 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट टोकन चार्ज करता है. बता दें कि डेटा या टेक्स्ट का छोटा अंश, जो AI मॉडल को दिया जाता है उसे इनपुट टोकन कहते हैं.

अमेरिकी कंपनियों की चिंता बढ़ी

डीपसीक की सफलता ने सिलिकॉन वैली में हलचल मचाई है और Nvidia जैसी कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है. DeepSeek ने यह साबित कर दिया है कि कम संसाधनों में भी उच्च गुणवत्ता वाला AI मॉडल तैयार किया जा सकता है. DeepSeek की बढ़ती सफलता से अमेरिकी कंपनियों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि अब उन्हें लग रहा है कि उनके बड़े निवेश की कोई जरूरत नहीं.

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By Rajeev kumar

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