China-US Tariff War: चीन का ऐसा माल, जो अमेरिका को भी झुका गया, टैरिफ की चाल फेल

China-US Tariff War: बढ़े हुए अमेरिकी टैरिफ रेट्स को लेकर पूरी दुनिया परेशान है. बड़ी-बड़ी कंपनियां भी इस टैरिफ रेट्स की मार झेल रही है. हर देश इस टैरिफ की काट ढूंढने में लगा है तो वहीं चीन ने इसका अलग ही तोड़ निकाल लिया है.

China-US Tariff War: बढ़े हुए अमेरिकी टैरिफ रेट्स को लेकर पूरी दुनिया परेशान है. बड़ी-बड़ी कंपनियां भी इस टैरिफ रेट्स की मार झेल रही है. हर देश इस टैरिफ की काट ढूंढने में लगा है तो वहीं चीन ने इसका अलग ही तोड़ निकाल लिया है. चीन-अमेरिका टैरिफ वॉर के बीच चीन ने अपना एक अनोखा हथियार निकाल दिया है. जिसके आगे अमेरिकी टैरिफ भी कुछ भी नहीं. चीन का ये हथियार और कुछ नहीं बल्कि उसका रोबोटिक सेक्टर है. जहां बनने वाले रोबॉट्स बेहद खास और अनोखे हैं. शायद ही चीन के अलावा किसी और देश में इसे बनाया जाता होगा. ऐसे में चीन के रोबॉट्स पर अमेरिकी टैरिफ का कोई खासा असर नहीं पड़ने वाला है.

झटके में निपटा देते हैं सारे काम

दरअसल, चीन का एक ऑटोमेटेड कैफे काफी सुर्खियों में है. इस कैफे में रोबोटिक आर्म्‍स बहुत ही तेजी से सारे काम निपटा रहे हैं. पलक झपकते ही ये रोबोटिक आर्म्स कई सारे ड्रिंक्स बना देते हैं. बता दें कि, एक रिपोर्ट के अनुसार चीन के सबसे बड़े व्यापार मेले के इस रोबोटिक कैफे को ड्रिंक्स बनाने के लिए 8 Million से ज्‍यादा का ऑर्डर मिला है. सिर्फ इतना ही नहीं, चीन में क्लिनिक रोबॉट्स से लेकर कई सारे काम करने वाले रोबोट्स भी बनाए जा रहे हैं. चीन के इन रोबोट्स की डिमांड बढ़ रही है. ऐसे में अमेरिकी टैरिफ का असर चीन के इन प्रोडक्ट्स पर नहीं पड़ने वाला है. क्योंकि, अमेरिका में इस तरह के रोबोट्स नहीं तैयार किए जा रहे हैं.

बड़े-बड़े खरीदार की तरफ से चीन को मिल रहा ऑफर

वहीं, चीन के अलावा साउथ कोरिया और यूरोप में इस तरह के रोबोट्स तैयार किए जाते हैं. लेकिन चीन के मुकाबले उनके रोबोट्स महंगे होते हैं जबकि चीन के रोबोट्स की कीमत काफी कम है. ऐसे में अगर चीन के इन रोबोट्स पर अमेरिका टैरिफ लगाता भी है तो फिर इन चीनी प्रोडक्ट्स के सस्ते होने के कारण चीन पर असर नहीं होने वाला है. इसके अलावा इन चीनी प्रोडक्ट्स को खरीदने के लिए अमेरिका के अलावा एक से एक खरीदार चीन को मिल रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, वियतनाम से लेकर मिडिल ईस्‍ट के खरीदारों की तरफ से चीन की कई कंपनियों को बड़े ऑफर दिए गए हैं.

वहीं, रिपोर्ट का दावा है कि चीन में तैयार किए जाने वाले क्लीनिंग रोबोट्स की अमेरिका में काफी डिमांड है. क्योंकि, अमेरिका में क्लीनिंग सर्विस महंगी है. ऐसे में चीन के ये सस्ते रोबोट्स कम खर्च में ही किसी भी बिल्डिंग को झटके में साफ कर सकता है. साथ ही ये रोबोट्स 24 घंटे तक काम कर सकते हैं और इनकी लाइफ बैटरी 8 साल तक चलेगी.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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