iPhone अब चेहरे से पढ़ेगा आपकी बातें, Apple ने खरीदी Q.ai

Apple ने Q.ai खरीदा, iPhone अब चेहरे की हलचल से समझेगा फुसफुसाई गई बातें और भावनाएं भी. टेक्नोलॉजी की दुनिया में होगा बड़ा बदलाव

Apple ने एक बड़ा कदम उठाते हुए इजराइली AI स्टार्टअप Q.ai को खरीद लिया है. यह टेक्नोलॉजी भविष्य में iPhone को इतना स्मार्ट बना सकती है कि वह आपके चेहरे की हल्की-सी हरकत से भी समझ ले कि आप क्या कह रहे हैं. अगर आप सिर्फ होंठ हिला रहे हों या फुसफुसा रहे हों, तो भी.

Q.ai की खासियत क्या है?

Q.ai मशीन लर्निंग और ऑडियो-इमेजिंग टेक्नोलॉजी पर काम करता है. कंपनी ने ऐसी तकनीक विकसित की है जो शोरगुल वाले माहौल में भी आवाज को साफ कर सकती है और यहां तक कि फुसफुसाई हुई बातों को भी पकड़ सकती है. सबसे अनोखी बात यह है कि यह चेहरे की त्वचा की सूक्ष्म हलचलों को पढ़कर शब्दों को पहचान सकती है.

पेटेंट और नई संभावनाएं

पिछले साल Q.ai ने एक पेटेंट दाखिल किया था जिसमें बताया गया कि चेहरे की माइक्रो-मूवमेंट्स से न सिर्फ शब्दों को समझा जा सकता है बल्कि व्यक्ति की पहचान, भावनात्मक स्थिति, दिल की धड़कन और सांस लेने की गति तक का अनुमान लगाया जा सकता है. यानी iPhone भविष्य में बिना आवाज के भी आपकी बात समझ सकेगा.

iPhone से VisionPro तक

Apple पहले से ही AirPods में लाइव ट्रांसलेशन जैसी AI फीचर्स जोड़ चुका है. अब Q.ai की टेक्नोलॉजी iPhone के अलावा VisionPro जैसे डिवाइस में भी इस्तेमाल हो सकती है, जहां हैंड्स-फ्री इंटरैक्शन बेहद जरूरी है. चेहरे की मांसपेशियों की हलचल पकड़ने की क्षमता इन डिवाइसों को और भी नेचुरल बना देगी.

टीम और टेक रेस

Q.ai के करीब 100 कर्मचारी अब Apple का हिस्सा बनेंगे. CEO Aviad Maizels पहले भी अपनी कंपनी PrimeSense को Apple को बेच चुके हैं, जिससे FaceID जैसी टेक्नोलॉजी बनी. इस अधिग्रहण से साफ है कि Apple, Google और Meta जैसी कंपनियों के बीच AI की रेस और तेज हो गई है. Apple का फोकस है- डिवाइस को इतना सहज बनाना कि यूजर को टेक्नोलॉजी का एहसास ही न हो.

आगे की राह

Apple ने कीमत नहीं बताई है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डील करीब 1.6 से 2 बिलियन डॉलर की है. Beats के बाद यह Apple की दूसरी सबसे बड़ी खरीद है. इससे साफ है कि कंपनी भविष्य के iPhone और अन्य डिवाइसों को और भी स्मार्ट और इन्ट्यूटिव बनाने की तैयारी में है.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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