APAAR ID क्या है? यह कौन और कैसे बना सकता है? जानिए सबकुछ

एपीएएआर आईडी छात्रों को एक यूनिक 12 अंकों की पहचान देती है, जिससे सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड DigiLocker में सुरक्षित रहते हैं. जानें इसके फायदे, पात्रता और बनाने की पूरी प्रक्रिया

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने 2023 में एपीएएआर आईडी (Automated Permanent Academic Account Registry ID) की शुरुआत की थी. इसे “वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी” भी कहा जाता है. यह एक डिजिटल पहचान है, जो छात्रों की सभी शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रमाणपत्रों और रिकॉर्ड्स को एक ही जगह सुरक्षित रखती है.

एपीएएआर आईडी क्या है?

एपीएएआर आईडी एक 12 अंकों का यूनिक नंबर है, जिसके जरिये छात्र अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेज डिजिटल रूप से ऐक्सेस कर सकते हैं. यह आधार कार्ड की तरह ही एक स्थायी पहचान है, लेकिन खासतौर पर शिक्षा क्षेत्र के लिए बनायी गई है. इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय क्रेडिट एवं क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NCrF) के तहत लागू किया गया है.

एपीएएआर आईडी के फायदे

छात्रों को अब प्रमाणपत्र, मार्कशीट या अन्य दस्तावेज साथ रखने की जरूरत नहीं होगी. विश्वविद्यालयों, प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरी आवेदन या स्किलिंग कोर्स में केवल एपीएएआर आईडी बताने से रिकॉर्ड्स डिजिटल रूप से उपलब्ध हो जाएंगे. डुप्लीकेट रिकॉर्ड्स और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी. छात्र कहीं भी पढ़ाई जारी रख सकेंगे, जिससे शिक्षा में लचीलापन और गतिशीलता बढ़ेगी. दस्तावेज खोने या खराब होने का डर खत्म होगा क्योंकि सब कुछ DigiLocker में सुरक्षित रहेगा.

एपीएएआर आईडी कैसे बनाएं?

छात्र को अपने स्कूल में जाकर व्यक्तिगत विवरण सत्यापित कराना होगा. यदि छात्र नाबालिग है तो अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी. स्कूल द्वारा पहचान सत्यापन के बाद एपीएएआर आईडी तैयार की जाती है. यह आईडी स्वतः ही छात्र के DigiLocker खाते में जुड़ जाती है.

एपीएएआर आईडी के लिए पात्रता क्या है?

छात्र का नाम UDISE+ रिकॉर्ड और आधार कार्ड में बिल्कुल समान होना चाहिए. Permanent Education Number (PEN) होना अनिवार्य है. केवल वही छात्र आवेदन कर सकते हैं जो UDISE+ में पंजीकृत हैं.

स्टूडेंट्स की नयी पहचान

एपीएएआर आईडी छात्रों के लिए शिक्षा जगत में एक बड़ा बदलाव है. यह न केवल रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखता है बल्कि भविष्य में प्रवेश, परीक्षा और नौकरी की प्रक्रिया को भी आसान बनाता है. डिजिटल इंडिया की दिशा में यह कदम छात्रों को एक नयी पहचान और सुविधा देता है.

यह भी पढ़ें: पैन कार्ड पर अपना नाम ऑनलाइन कैसे बदलें? देखें जरूरी डॉक्यूमेंट्स और स्टेप-बाय-स्टेप प्रॉसेस

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >