सालों से फोन चलाने वाले भी नहीं जानते बैटरी बचाने के ये 5 तरीके, जान गए तो हर समय नहीं ढूंढेंगे चार्जर

Battery Saving Hacks: अगर आपके एंड्रॉयड फोन की भी बैटरी बहुत जल्दी खत्म हो जाती है, तो टेंशन मत लीजिए. आज हम आपको हम पांच आसान और स्मार्ट तरीके बताने जा रहे हैं, जिनसे बैटरी ज्यादा देर चलेगी, बैकग्राउंड में होने वाली फालतू खपत कम होगी और फोन पूरे दिन बेहतर तरीके से चलता रहेगा.

Battery Saving Hacks: अगर आप भी Android फोन यूज करते हैं और बैटरी जल्दी खत्म होने से परेशान हैं, तो आप अकेले नहीं हैं. आजकल सबसे अच्छे और महंगे स्मार्टफोन भी तब पूरे दिन नहीं चल पाते, जब उनमें वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और लगातार स्क्रॉलिंग शुरू हो जाती है. भले ही फास्ट चार्जिंग से फोन जल्दी चार्ज हो जाता है, लेकिन ज्यादा बैटरी खर्च होने की असली समस्या अब भी बनी हुई है.

आज हम Android स्मार्टफोन की कुछ ऐसी स्मार्ट सेटिंग्स और रोजमर्रा की आदतों के बारे में बात करेंगे, जिन्हें अपनाकर आप अपने फोन की बैटरी को रोजाना ज्यादा समय तक चला सकते हैं. आइए जानते हैं.

अडाप्टिव बैटरी (Adaptive Battery) फीचर ऑन करें

फोन की बैटरी बचाने का एक आसान तरीका है Android को खुद आपके ऐप्स मैनेज करने देना. इसके लिए Adaptive Battery फीचर काम आता है, जो यह समझ लेता है कि आप कौन-से ऐप ज्यादा यूज करते हैं और बाकी ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी अपने-आप कम कर देता है. आजकल के ज्यादातर Pixel और Samsung Galaxy फोन में यह फीचर पहले से चालू रहता है, फिर भी आप Settings में Battery या Battery and Device Care सेक्शन में जाकर एक बार चेक कर सकते हैं.

डिस्प्ले को एडजस्ट करें 

ज्यादातर स्मार्टफोन्स में बैटरी सबसे ज्यादा स्क्रीन ही खर्च करती है. 120Hz या उससे ज्यादा रिफ्रेश रेट वाली डिस्प्ले देखने में तो बहुत स्मूद लगती है, लेकिन इससे बैटरी भी जल्दी खत्म होती है. अब कई नए फोन में ऐसा फीचर आता है जो जरूरत न होने पर अपने-आप रिफ्रेश रेट कम कर देता है, जिससे स्मूदनेस भी बनी रहती है और बैटरी भी बचती है.

AOD बंद रखें

Always-On Display देखने में भले ही बहुत नॉर्मल लगे, लेकिन यह स्टैंडबाय मोड में भी बैटरी पर साफ असर डालता है. टेस्टिंग में पाया गया है कि AOD चालू होने पर फोन की बैटरी बिना इस्तेमाल के भी ज्यादा तेजी से घटती है, जबकि इसे बंद रखने पर बैटरी की खपत कम रहती है. अगर आप बैटरी बचाना चाहते हैं, तो AOD को पूरी तरह बंद करके tap-to-wake या raise-to-wake जैसे फीचर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं.

लोकेशन और वायरलेस सेटिंग्स को चेक करें

लोकेशन सर्विस और वायरलेस फीचर्स बैकग्राउंड में चुपचाप बैटरी खर्च करते रहते हैं. Android में आप हर ऐप के लिए अलग-अलग लोकेशन परमिशन तय कर सकते हैं, जैसे हमेशा अनुमति दें, सिर्फ इस्तेमाल के समय या हर बार पूछें. जिन ऐप्स को हर समय लोकेशन की जरूरत नहीं होती, उनकी परमिशन कम करने से बैटरी की खपत काफी घट सकती है.

बैटरी सेवर का इस्तेमाल करें

बैटरी सेवर उन दिनों में बहुत काम आता है, जब लंबे समय तक चार्जर पास में न हो. इसे ऑन करने पर बैकग्राउंड में चलने वाली एक्टिविटी कम हो जाती हैं, एनिमेशन धीमे पड़ जाते हैं और जरूरत पड़ने पर फोन की परफॉर्मेंस भी सीमित कर दी जाती है.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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