माकपा के बूथ एजेंटों के घरों पर हमला, दुकान फूंकी, तनाव

लोकसभा चुनाव की मतगणना बीतने के बाद दुर्गापुर में चुनावी हिंसा शुरू हो गयी है. दुर्गापुर स्टील टाउनशिप के आइंस्टाइन रोड व महुआ बगान इलाके में मंगलवार की देर रात अराजक तत्वों द्वारा अलग-अलग दो स्थानों पर हमला किया गया. हमले से इलाके में तनाव व्याप्त हो गया. खबर पाकर पुलिस एवं केंद्रीय बलों की इलाके में तैनाती की गयी है.

दुर्गापुर.

लोकसभा चुनाव की मतगणना बीतने के बाद दुर्गापुर में चुनावी हिंसा शुरू हो गयी है. दुर्गापुर स्टील टाउनशिप के आइंस्टाइन रोड व महुआ बगान इलाके में मंगलवार की देर रात अराजक तत्वों द्वारा अलग-अलग दो स्थानों पर हमला किया गया. हमले से इलाके में तनाव व्याप्त हो गया. खबर पाकर पुलिस एवं केंद्रीय बलों की इलाके में तैनाती की गयी है. पहला हमला आइंस्टाइन इलाके के सात नंबर स्ट्रीट में हुआ जहां प्रसून पालित नामक सीटू नेता के घर पर हमला किया गया. प्रसून पालित ने बताया कि बीती रात घर में पूरा परिवार जब सो रहा था, तभी देर रात हमलावरो ने घर के बाहर रखे चार पहिया वाहन में तोड़फोड़ की और फरार हो गये. हमले में वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के पीछे तृणमूल का हाथ है. 13 मई को डीआइसीवी स्कूल में मतदान केंद्र में माकपा की ओर से बूथ एजेंट के तौर पर में वह बैठे थे. चुनाव वाले दिन केंद्र में तृणमूल वाले फर्जी मतदान करने की फिराक में थे. जिसका उन्होंने विरोध किया था. इस घटना को लेकर मतगणना के बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं ने घर पर हमला कर बदला लेने का प्रयास किया है. दूसरी तरफ दो नंबर वार्ड अंतर्गत महुआ बागान इलाके में मंगलवार की देर रात अली शेख नामक माकपा नेता के घर के पास एक सिलाई दुकान में अराजक तत्वों ने आग लगा दी. जिससे कुछ ही पल में सिलाई दुकान पूरी तरह से जलकर खाक हो गयी. सिलाई की दुकान अली शेख की बेटी फिरोजा खातून चलाती थी. अली शेख इस बार माकपा के पोलिंग एजेंट थे. उनकी बेटी फिरोजा खातून का राजनीतिक पार्टियों से कोई वास्ता नहीं है. अली शेख ने बताया कि बेटी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लोन लेकर घर के पास सिलाई दुकान उन्होंने खोली थी. जहां बेटी फिरोजा खातून दुकान चलाने के साथ-साथ बस्ती की चार गरीब लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई का प्रशिक्षण देती थी. मंगलवार की देर रात अराजक तत्वों ने दुकान में आग लगा दी. आग लगने की खबर मिलते ही घर के लोग दुकान के पास पहुंचे तब तक दुकान पूरी तरह से जलकर खाक हो गयी थी. दुकान के भीतर रखी सिलाई मशीन भी नष्ट हो गयी थी. उनका आरोप है कि अग्निकांड के पीछे तृणमूल का हाथ है. उन्होंने कहा कि तृणमूल के समर्थकों ने ही दुकान में आग लगायी है. दुकान जल जाने के कारण बस्ती की लड़कियों के साथ उनकी बेटी फिरोजा भी बेरोजगार हो गयी है. घटना की शिकायत थाने में की गयी है. खबर पाकर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची एवं मामले की जांच शुरू कर दी है. तृणमूल के जिला उपाध्यक्ष उत्तम मुखर्जी ने आरोपों को गलत ठहराते हुए कहा कि इन दोनों घटनाओं में तृणमूल का कोई संबंध नहीं है. माकपा और भाजपा दोनों मिलकर चुनाव के पहले से ही तृणमूल को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं. प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए.

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