महिला आरक्षण बहाना, परिसीमन है असली निशाना, देश को टुकड़ों में बांटना चाहती है भाजपा : ममता बनर्जी

Mamata Banerjee on Delimitation Bill Row: कूचबिहार में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने उत्तर बंगाल के विकास पर पीएम मोदी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने क्षेत्र के विकास पर 1.72 लाख करोड़ रुपए खर्च किये हैं.

Mamata Banerjee on Delimitation Bill Row: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को ‘बड़ा राजनीतिक छलावा’ करार दिया है. शुक्रवार को कूचबिहार में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन (Delimitation) विधेयक को पिछले दरवाजे से लागू करना चाहती है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 की गयी, तो यह देश की अखंडता को खतरे में डाल देगा. देश को टुकड़ों में बांट देगा.

लोकसभा सीटों को 850 करने की साजिश

मुख्यमंत्री ने संसद में पेश 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर गंभीर सवाल उठाये. कहा कि भाजपा महिला आरक्षण का नाम लेकर असल में परिसीमन की योजना बना रही है. यह देश के संघीय ढांचे के लिए खतरनाक है. उन्होंने दावा किया कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के प्रभाव को कम करने की कोशिश है. उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस इसका हर स्तर पर विरोध करेगी.

उत्तर बंगाल के विकास पर पीएम मोदी को घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले सप्ताह उत्तर बंगाल के विकास को लेकर दिये गये बयानों पर ममता बनर्जी ने पलटवार किया. बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने प्रधानमंत्री को डेटा चेक करने की सलाह दी. टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि उनकी सरकार ने नॉर्थ बंगाल के विकास पर 1.72 लाख करोड़ रुपए खर्च किये हैं. प्रधानमंत्री को गलत तथ्य पेश नहीं करना चाहिए.

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Mamata Banerjee on Delimitation Bill Row: विकास बनाम राजनीति का संग्राम

ममता बनर्जी ने रैली में कहा कि भाजपा केवल चुनाव के समय उत्तर बंगाल की सुध लेती है. टीएमसी साल भर यहां की जनता के साथ खड़ी रहती है. उन्होंने कूचबिहार की जनता से आह्वान किया कि वे भाजपा की ‘विभाजनकारी राजनीति’ का जवाब अपने वोट से दें. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आगामी दिनों में विकास और क्षेत्रीय पहचान का मुद्दा चुनाव में और भी गरमायेगा.

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ममता ने मोदी से पूछे 3 तीखे सवाल

  1. आपने हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था. 12 वर्षों में एक भी व्यक्ति को नौकरी मिली?
  2. क्या किसी व्यक्ति के बैंक खाते में आपके वादे के मुताबिक 15 लाख रुपए आये?
  3. 2016 में नोटबंदी के जरिये काला धन वापस लाने का जो लक्ष्य रखा था, वह हासिल हुआ?

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SIR की आड़ में CAA और घुसपैठिया कार्ड

ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की आड़ में चुपके से सीएए (CAA) लागू किया जा रहा है. बंगाल के वैध निवासियों को ‘घुसपैठिया’ करार दिया जा रहा है और राज्य की मतदाता सूची से जान-बूझकर 9 लाख से अधिक नाम हटाये गये हैं.

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एजेंसियों का दुरुपयोग और हेलीकॉप्टर रेड का डर

बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने केंद्र पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि उनके सुरक्षा अधिकारियों और टीएमसी उम्मीदवारों के घरों पर छापे मारे जा रहे हैं. उन्होंने अंदेशा जताया कि अब उनके विमान (हेलीकॉप्टर) पर भी छापे मारने की योजना बनायी जा रही है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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