Ghusepathiya Mukt Bengal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पश्चिम बंगाल घुसपैठिया मुक्त राज्य बनेगा. उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी देशों से भारत में आये हिंदू शरणार्थियों की नागरिकता पर फैसला लेने का अधिकार 8 जिलाधिकारियों (डीएम) को दे दिये गये हैं. वे शरणार्थियों के आवेदन पर शीघ्र फैसला करेंगे. अमित शाह ने दावा किया कि 6 महीने के भीतर बांग्लादेश से आये हिंदू, सिख और जैन शरणार्थियों को नागरिकता मिल जायेगी.
बंगाल में बदल रही है न्यायिक व्यवस्था : शाह
अमित शाह ने ये बातें पश्चिम बंगाल की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान कहीं. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बंगाल में दो काम हो रहे हैं. पहला, न्यायिक व्यवस्था बदल रही है और टोल टैक्स, सिंडिकेट, कट मनी और भ्रष्टाचार का खात्मा हो रहा है. सरकार जनता के साथ खड़ी दिख रही है.
शुभेंदु सरकार में स्थापित हुआ कानून का राज : गृह मंत्री
अमित शाह ने कहा कि पहले पश्चिम बंगाल में कैडर का राज था. कम्युनिस्टों के शासन में भी कैडर का राज था और पिछली ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार में गुंडों के कैडर का राज था. अब शुभेंदु अधिकारी की सरकार में कानून का राज प्रस्थापित हो गया है.
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‘6 माह में बांग्लादेशी शरणार्थियों को मिल जायेगी नागरिकता’
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब बंगाल कानून के रास्ते पर आगे बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि अब यहां हमारी सरकार है. हम 6 माह में बांग्लादेश से आये हुए हिंदू, सिख और जैन शरणार्थियों को नागरिकता दे देंगे.
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8 जिलाधिकारियों को नागरिकता देने का अधिकार
अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने नागरिकता प्रदान करने के अधिकार बंगाल सरकार के 8 कलेक्टरों को दे दिये हैं. जितने भी शरणार्थी हैं, उन सबको सुनिश्चित रूप से सम्मान के साथ भारत की नागरिकता मिलेगी. बंगाल में हमारी सरकार का अटल फैसला है कि हम एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर पश्चिम बंगाल से निकाल देंगे.
