हालांकि डकैत इन सामग्रियों को अपने साथ नहीं ले जा सके. स्थानीय लोगों, नागराकाटा पुलिस तथा जीआरपी की तत्परता से सभी डकैत लूट की इलेक्ट्रोनिक सामग्री लिये बगैर ही भागने को मजबूर हो गये. स्थानीय निवासी सोमरा उरांव ने बताया है कि गांव के लोग देर रात को जग जाते हैं. करीब साढ़े तीन बजे के आसपास जलढाका पुल के निकट एक पिकअप वैन को देख उन लोगों को संदेह हुआ. गांव के लोग जब इस पिकअप वैन के निकट गये, तो ड्राइवर और खलासी फरार हो गये. तत्काल ही इस बात की सूचना नागराकाटा थाने को दी गई. तब तक जीआरपी भी मौके पर पहुंच गई थी.
जब पिकअप वैन की जांच की गई, तो उसमें पूरी तरह से सीलपैक टीवी, कंप्यूटर, लेपटॉप आदि पाये गये. हालांकि जीआरपी अधिकारी नवीन गुड़िया ने कहा है कि मालगाड़ी में डकैती की कोई घटना नहीं घटी है. मालगाड़ी के बोगी के दरवाजे खुल जाने की वजह से यह सभी उपकरण नीचे गिर गये. दूसरी तरफ नागराकाटा पुलिस ने जीआरपी के इस दावे को खारिज कर दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मालगाड़ी एनजेपी से अलीपुरद्वार की ओर जा रही थी. डकैत किसी बोगी में गये होंगे और वहां से इन सामानों को नीचे फेंक रहे होंगे. स्थानीय लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, चपरामारी अभयारण्य में मालगाड़ी के आते ही उसकी गति काफी धीमी कर दी जाती है. इसी का फायदा डकैतों ने उठाया है. लूट के बाद पिकअप वैन में माल लोड कर सभी डकैत फरार होने की कोशिश कर रहे थे. तभी गांव वालों ने पकड़ लिया. नागराकाटा थाने में कई लाख के इलेक्ट्रोनिक उपकरण रखे गये हैं. जीआरपी उस मालगाड़ी के ड्राइवर से संपर्क करने की कोशिश कर रही है.
