विमल समर्थकों पर पुलिस ने कसा शिकंजा, 10 गिरफ्तार

गोजमुमो (विमल गुट) ने बताया सरकार की साजिश कहा, 28 नवंबर की सभा की सफलता से घबरा गये हैं विरोधी दार्जिलिंग : गोजमुमो विमल गुट के समर्थकों पर पुलिस का शिंकजा एक बार फिर कसता जा रहा है. 2017 के गोरखालैंड आंदोलन के दौरान पहाड़ के विभिन्न इलाकों में हिंसक घटनाएं हुई थीं. उस दौरान […]

गोजमुमो (विमल गुट) ने बताया सरकार की साजिश

कहा, 28 नवंबर की सभा की सफलता से घबरा गये हैं विरोधी
दार्जिलिंग : गोजमुमो विमल गुट के समर्थकों पर पुलिस का शिंकजा एक बार फिर कसता जा रहा है. 2017 के गोरखालैंड आंदोलन के दौरान पहाड़ के विभिन्न इलाकों में हिंसक घटनाएं हुई थीं. उस दौरान की घटनाओं को लेकर पहाड़ के विभिन्न थानों में मामला दर्ज किया गया था.
उन्हीं घटनाओं के आरोपियों पर पहाड़ में फिर से अशांति फैलाने का आरोप लग रहा है. इसी आरोप में विभिन्न थानों की पुलिस ने गोजमुमो विमल गुट के समर्थकों को गिरफ्तार किया है.
पकड़े गये गोजमुमो विमल गुट के समर्थकों में जीतेंद्र राई (सिंगताम), विवेक मोक्तान (कार्सियांग), राजेन लिम्बू (सिंगला), कमल प्रसाद पुरागाई (सुकिया), राजेन मोक्तान (लोधोमा), आशीष स्यांगबो (रंगली रंगलीहाट), दीपेन मोक्तान (रंगली रंगलीहाट), आशीष राई (जोरबंगला), ललित चंद्र प्रधान (रिम्बिक), राजेन सोतांग (रिम्बिक) आदि हैं.
इधर गोजमुमो विमल गुट के केंद्रीय उपाध्यक्ष आरपी वाइबा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके पुलिस कार्रवाई का घोर विरोध किया हैय जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है कि गोजमुम विमल गुट की ओर से पिछले 28 नवम्बर को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. उक्त कार्यक्रम में पहाड़ से भारी संख्या समर्थकों ने हिस्सा लिया था.
विमल गुट के कार्यक्रम सफल होने की जानकारी मिलते ही बंगाल सरकार और जीटीए की कुर्सी पर बैठने वालों के आदेश पर पुलिस ने विमल समर्थकों को घर-घर जाकर पकड़ने का कार्य किया गया, जो घोर अन्याय है. श्री बाइवा ने कहा है कि हमलोग गोरखालैंड के समर्थक हैं और जातीय हित में लड़ने वाले योद्धा हैं. इसलिए हमलोगों के उपर इस तरह के अन्याय और अत्याचार होते रहते हैं. लेकिन इस तरह के अन्याय और अत्याचार से नीडर होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया.

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