तीन किमी में काम पूरा, छह किलोमीटर में काम जारी
बिजली वितरण कंपनी ने तीन करोड़ का रखा है बजट
जलपाईगुड़ी : विभिन्न प्राकृतिक आपदा के बीच बिजली आपूर्ति सामान्य रखने के लिए पूरे राज्य में बिजली वितरण कंपनी ने जमीन के नीचे केबल बिछाने का फैसला लिया है. उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी शहर में पायलट परियोजना के तौर पर जमीन के नीचे साढ़े तीन किलोमीटर बिजली के केबल बिछाये गये है.
चुनाव प्रक्रिया खत्म होते ही जलपाईगुड़ी के और छह किलोमीटर इलाके में केबल बिछाये जायेंगे. बीते गुरुवार को ही जलपाईगुड़ी में आंधी से पेड़ व होर्डिंग टूटकर गिरने से बिजली के तारों एवं खंभों को नुकसान पहुंचा है. प्राथमिक तौर पर 5 से 7 लाख के नुकसान का अनुमान है.
पूरे राज्य में बिजली के केबल बिछाने के लिए लोक निर्माण विभाग की जमीन का इस्तेमाल किया जायेगा. इसके लिए उसे कोई शुल्क चुकाना नहीं पड़ेगा. कालबैशाखी व बारिश के दिनों में आंधी में तार टूटने व खंभो के गिरने से जहां एक विभाग को लाखों का नुकसान है. वहीं विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ती ठप रहने से परेशानी होती है. साथ ही कई बार बिजली के टूटे हुए तारों के संपर्क में आने से लोगों की जान जाती है. कभी-कभी ओवरहेड तार में आग लगने से दुर्घटना घट जाती है. इन सब परिस्थितियों से बचाव के लिए जमीन के नीचे से तार को गुजारना अच्छा विकल्प माना जा रहा है.
बिजली वितरण कंपनी के जलपाईगुड़ी रिजनल सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर विष्णु दत्ता ने कहा कि पाइलट योजना के तहत जलपाईगुड़ी में केबल बिछाया जा रहा है. फिलहाल किंगसाहेब घाट के पास से नगरपालिका के 9 नंबर वार्ड में 33 केवी का पावर स्टेशन चालू किया गया. वहां से इस बिजली को 11 केवी में बदल कर जमीन के नीचे से केबल के जरिये लगभग साढ़े तीन किलोमीटर इलाके में गुजारा गया है. और छह किलोमीटर के लिए काम जल्द ही शुरू होगा. इसके लिए लगभग तीन करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
