खास बातें
Mamata Banerjee on Women Reservation Bill: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए वोटिंग की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का केंद्र सरकार पर हमला तेज होता जा रहा है. बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने अब केंद्र सरकार को नये विधेयकों के मुद्दे पर घेरा है और जमकर खरी-खोटी सुनायी है.
एनआरसी लागू करने का रास्ता साफ कर रही भाजपा : ममता
गुरुवार को कूचबिहार जिले के माथाभंगा में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन (Delimitation) विधेयकों को आपस में जोड़ना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गहरी ‘साजिश’ है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बहाने केंद्र सरकार असल में मतदाता सूची से नाम हटाने और देश में फिर से एनआरसी (NRC) लागू करने का रास्ता साफ कर रही है.
आरक्षण के नाम पर देश को बांटने की कोशिश : ममता
लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच पेश किये गये विधेयकों पर ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण और परिसीमन को एक साथ जोड़कर भारत को बांटने की कोशिश की जा रही है. यह केवल महिलाओं को हक देने का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए देश की संरचना से खिलवाड़ है.
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वोटर लिस्ट पर खतरा : मुख्यमंत्री
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के जरिये जान-बूझकर बंगाल और अन्य राज्यों की मतदाता सूचियों से खास समुदाय और विरोधियों के नाम हटाने की योजना बनायी गयी है.
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लोकसभा में पेश हुए तीन अहम विधेयक
गुरुवार को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ पेश किया. गृह मंत्री अमित शाह ने ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ सदन के पटल पर रखा. इन विधेयकों को लेकर संसद से सड़क तक संग्राम मचा है. बंगाल और तमिलनाडु में मतदान से पहले इन विधेयकों का आना बंगाल की राजनीति में ‘ध्रुवीकरण’ की नयी वजह बन गया है.
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एनआरसी को लेकर फिर किया आगाह
ममता बनर्जी ने कूचबिहार की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वह किसी भी कीमत पर बंगाल में एनआरसी लागू नहीं होने देंगी. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आरक्षण के पीछे छिपे असली इरादों को जनता पहचानती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर मतदान करें.
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23 और 29 अप्रैल को बंगाल में वोटिंग, 4 मई को रिजल्ट
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग होगी. इस चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किये जायेंगे. ममता बनर्जी के इस नये प्रहार ने चुनावी लड़ाई को स्थानीय मुद्दों से ऊपर उठाकर राष्ट्रीय नीति और नागरिकता के सवालों पर केंद्रित कर दिया है.
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