सिलीगुड़ी: सत्ता परिवर्त्तन के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) हर क्षेत्र के साथ-साथ अब शिक्षा के मंदिर में भी आतंक की राजनीति कर रही है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. यह कहना है माकपा अनुमोदित छात्र संगठन एसएफआइ के दार्जिलिंग जिला के अध्यक्ष सौरभ दास का.
वह आज माकपा पार्टी मुख्यालय अनिल विश्वास भवन परिसर स्थित एसएफआइ पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि टीएमसीपी कॉलेजों में एसएफआइ छात्र समर्थकों व अन्य विरोधियों पर लगातार जानलेवा हमला कर रही है.
सूर्यसेन कॉलेज में कल भी टीएमसीपी के गुंडों ने एसएफआइ कार्यकर्ता नंदन भट्टाचार्य व संतोष सहनी को बुरी तरह पीटा गया. इससे पहले भी इसी कॉलेज में नामांकन प्रक्रिया को लेकर कॉलेज कैंपस में एसएफआइ द्वारा हेल्प कैंप लगाने पर टीएमसीपी ने दोनों को पीटा कर जख्मी कर दिया था.
मुंशी प्रेमचंद कॉलेज में भी एबीवीपी समर्थकों पर हमला किया गया था. श्री दास ने कहा कि इन घटनाओं के बाद से छात्र-छात्रएं अपने को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं. कॉलेजों में भय व आतंक का माहौल व्याप्त है. साथ ही उन्होंने पुलिस पर पक्षपात का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में पुलिस ने आज तक टीएमसीपी के आरोपी गुंडाें को गिरफ्तार नहीं किया. बल्कि टीएमीपी के विरुद्ध मामला दर्ज कराने वाले लोगों को ही परेशान कर रही है. इस तरह का मामला मुंशी प्रेमचंद कॉलेज में हुई घटना के बाद सामने भी आया. प्रेस वार्ता से पहले एसएफआई की ओर से कॉलेजों में सुरक्षा बढ़ाने एवं छात्र-छात्रओं को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग को लेकर सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलीटन पुलिस मुख्यालय स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय का घेराव किया गया एवं पुलिस आयुक्त जगमोहन को ज्ञापन भी सौंपा गया. इस दौरान एसएफआइ के दार्जिलिंग जिला के सचिव सौरभ सरकार समेत भारी तादाद में एसएफआइ के छात्र समर्थक मौजूद थे.
