सिलीगुड़ी : बिहारी बिरादरी से जुड़े रौनियार समाज को सशक्त करने के लिए शंखनाद के साथ समाज के लोगों ने प्रण लिया. यह शंखनाद शनिवार को सिलीगुड़ी के दागापुर में बंगाल रौनियार वैश्य वेलफेयर सोसायटी (बीआरवीडब्ल्यूएस) की सिलीगुड़ी इकाई के बैनर तले आयोजित विराट सम्मेलन के दौरान किया गया.
इस दौरान समाज के लोगों ने जहां सामाजिक कर्तव्यों के पालन करने का संकल्प लिया वहीं, समाज के बीच सामाजिक समरसता, एकता व शिक्षा का प्रसार बढ़ाने का वादा भी किया.
इस सम्मेलन के दौरान द्वितीय वार्षिक समारोह भी रंगारंग कार्यक्रम के साथ हुआ. समाज के उभरते बच्चों ने नृत्य-संगीत के माध्यम से जहां अपना टैलेंट दिखाया वहीं, नंद लाल गुप्ता ने कविता पाठ करके समाज को सशक्त करने का प्रयास किया.
18 महीने पहले रखी गयी नींव
सम्मेलन के बतौर अतिथि बीआरवीडब्ल्यूएस के कोलकाता इकाई के अध्यक्ष मदन प्रसाद गुप्ता, उपाध्यक्ष विजय गुप्ता, महासचिव संजय गुप्ता, संयुक्त सचिव ओम प्रकाश गुप्ता के अलावा सिलीगुड़ी इकाई के अध्यक्ष नथुनी प्रसाद गुप्ता, उपाध्यक्ष संजय गुप्ता, सचिव चंदन साह, प्रोग्राम चेयरमैन व संयुक्त सचिव देशबंधु कुमार व कोषाध्यक्ष संजय गुप्ता ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि रौनियार समाज को एकसूत्र में जोड़ने, समाज का चहुमुखी विकास, जन कल्याण व जन सेवा के उद्देश्य से 18 महीने पहले बंगाल रौनियार वैश्य वेलफेयर सोसायटी (बीआरवीडब्ल्यूएस ) की नींव रखी गयी थी. नथुनी प्रसाद ने कहा कि बंगाल में संगठन की कार्य पद्धति, कार्यों की पारदर्शिता, संगठनात्मक स्वरुप का पूरे भारत के रौनियार समाज प्रशंसा कर रहा है.
सेवा की भावी योजनाएं का किया एलान
सम्मेलन के दौरान ही संगठन की ओर से समाज सेवा के भावी योजनाओं का एलान भी किया गया. संगठन के सिलीगुड़ी इकाई के संयुक्त सचिव व प्रोग्राम चेयरमैन देशबंधु कुमार ने कहा कि सिलीगुड़ी में रौनियार धर्मशाला का निर्माण करना मुख्य लक्ष्य है. इसके लिए जमीन देखी जा रही है.
समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों के बीच आर्थिक सहयोग के मार्फत शिक्षा का अलख जगाना और उन्हें संशाधन प्रदान करना, समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित करना, बंगाल में रौनियार समाज को ओबीसी मान्यता दिलाने हेतु संविधान में व्याप्त त्रुटियों को सरकारी तंत्रों द्वारा दूर करना, हरियाली संरक्षण हेतु पौधा रोपण करना, कुशल कामगारों को प्रशिक्षण दिलाना, मेडिकल कैंप व रक्तदान शिविर कर लोगों को जागरुक करना, बाढ़ व अन्य प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर पीड़ितों को आर्थिक मदद व उसके लिए आर्थिक कोष का निर्माण करना है.
आज के सम्मेलन में सिलीगुड़ी व कोलकाता के अलावा पूरे बंगाल व पड़ोसी राज्य सिक्किम एवं पड़ोसी देश नेपाल-भूटान से भी भारी तादाद में समाज के प्रतिनिधि शिरकत किये. सम्मेलन को सफल बनाने में संगठन मंत्री रामनाथ गुप्ता, मनीष गुप्ता समेत सभी सदस्यों ने बीते कई रोज से ही जी-तोड़ मेहनत की और सम्मेलन में शिरकत करनेवाले सभी लोगों का पूरा ख्याल भी रखा.
