सिलीगुड़ी : न्यूनतम मजदूरी तय करने की मांग को लेकर तीन दिनों से जारी चाय बागान बंद गुरुवार को खत्म हो गया. लेकिन न्यूनतम मजदूरी तय करने की समस्या जस की तस है. चाय श्रमिक कल शुक्रवार से काम पर जाने लगेंगे. इस बीच, गुरुवार को बागान बंद के अंतिम दिन राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने इस मामले में दखल दिया है.
मिली जानकारी के अनुसार गौतम देव ने राज्य के श्रममंत्री मलय घटक से बृहस्पतिवार को फोन पर बातचीत की. उन्होंने श्रम मंत्री से इस समस्या के तत्काल समाधान की अपील की है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत करीब 5 से 7 मिनट तक चली. मलय घटक इस महीने की 13 तारीख को सिलीगुड़ी आ रहे हैं. उसके बाद वह न्यूनतम मजदूरी तय करने को लेकर उत्तरकन्या में एक त्रिपक्षीय बैठक करेंगे. हांलाकि तिथि अभी निर्धारित नहीं हुई है .
लेकिन सूत्रों के अनुसार 13 या 14 तारीख को ही श्रम मंत्री यह बैठक कर सकते हैं. यहां उल्लेखनीय है कि चाय श्रमिक पिछले कई सालों से न्यूनतम मजदूरी तय करने की मांग राज्य सरकार तथा चाय बागान मालिकों से कर रहे हैं. पिछले 3 सालों से चाय श्रमिकों की मांग को लेकर सिर्फ बैठक हो रही है. जबकि समाधान कुछ भी नहीं निकला है.
दर्जनों बार बैठक हो चुकी है. इसी सप्ताह दो-दो बार बैठक की गई. दोनों बैठक फेल होने के बाद चाय श्रमिकों का गुस्सा भड़क गया. चाय श्रमिक संगठन के विभिन्न ट्रेड यूनियन के ज्वाइंट फोरम ने राज्य सरकार तथा बागान मालिकों के टाल माटोल वाले रवैये के खिलाफ 3 दिनों के लिए चाय उद्योग में बंद का ऐलान किया.इस सप्ताह सोमवार को उत्तरकन्या में आयोजित बैठक फेल हुयी और उसके अगले दिन मंगलवार से ही बंद की शुरुआत हुई. इस दौरान चाय श्रमिक उत्तरकन्या अभियान के लिए भी निकले थे.
पुलिस ने उनको बीच में ही रोक दिया. उन्हें रैली तक नहीं निकालने दी गई. सिलीगुड़ी तथा तराई इलाके के साथ-साथ पूरे डुवार्स के करीब 90 प्रतिशत चाय बागान बंद रहे. ज्वाइंट फोरम के नेता नेता आलोक चक्रवर्ती ने कहा है कि तीन दिवसीय चाय उद्योग बंद खत्म हो गया है. श्रमिक कल शुक्रवार से बागान में काम करने लगेंगे. लेकिन न्यूनतम मजदूरी तय करने की उनकी मांग पहले की तरह ही बनी हुई है. चाय श्रमिक यथाशीघ्र न्यूनतम मजदूरी तय करने की मांग कर रहे हैं.
वह लोग अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटे हैं. पर्यटन मंत्री गौतम देव ने राज्य के श्रममंत्री से बात की है. 13 तारीख को श्रममंत्री सिलीगुड़ी आ रहे हैं. वह बागान मालिकों एवं ट्रेड यूनियनों के नेताओं के साथ त्रिपक्षीय बैठक करेंगे. उसी बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हुई है. उन्हें उम्मीद है कि आने वाली बैठक में समस्या का कोई न कोई समाधान निकल आयेगा.उन्होंने आगे कहा कि चाय श्रमिकों की मांगे वाजिब है. महंगाई लगातार बढ़ रही है.
जबकि चाय श्रमिक मात्र 172 रूपये प्रतिदिन की मजदूरी पर काम करने के लिए बाध्य हैं. पिछले 3 सालों से चाय श्रमिकों की लड़ाई चल रही है. राज्य सरकार तथा बागान मालिक चाय श्रमिकों की पूरी तरह से अनदेखी कर रहे हैं. यदि इस बार की बैठक में भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला तो चाय श्रमिक आने वाले दिनों में और भी बड़ा आंदोलन करेंगे.
