हासीमारा झोड़ा का प्रोटेक्शन वाल गिरा, लोगों में आतंक
मदारीहाट के उत्तर खयेरबाड़ी में नदी में बहा डंपर
जलपाईगुड़ी/ अलीपुरद्वार : डुआर्स में लगातार हो रही बारिश से इलाके के इलाके जलमग्न हो गये हैं. लगभग सभी नदियां उफान पर हैं. कई इलाकों में घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है.
लगातार बारिश से चापाडांगा ग्राम पंचायत इलाके में तीस्ता का पानी भर गया है. इस पंचायत इलाके में सैकड़ों लोग अपने घरों में बंदी बने हुए हैं. ग्राम पंचायत के निवर्तमान प्रधान दीपक राय ने बताया है कि पूरी स्थिति की जानकारी प्रशासन को दी गयी है, बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है.
कई राहत शिविर भी बनाए गए हैं, जहां खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है. जो लोग राहत शिविर में नहीं आये हैं उनके घरों में चूड़ा-गुड़ भेजा जा रहा है. माल के बीडीओ भूषण शेर्पा ने बताया है कि पूरे इलाके में स्थिति पर नजर रखने के लिए एनडीआरएफ की टीम लगा दी गई है.
मयनागुड़ी इलाके में भी सैकड़ों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. जर्दा नदी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हुई है. कई घरों में बांध का पानी घुस गया है. इधर, हमारे नागराकाटा संवाददाता के अनुसार नागराकाटा ब्लॉक के होप चाय बागान में काफी लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
चाय बागान की सड़क बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गयी है. और भी कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है. स्थानीय निवासी प्रियंका छेत्री, बीना उरांव आदि ने बताया है कि बाढ़ की वजह से कई स्थानों पर सड़कों को नुकसान पहुंचा है. यदि इसे तत्काल ठीक नहीं किया गया तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
जयगांव प्रतिनिधि ने बताया कि भारी बारिश के कारण जयगांव के झरना बस्ती इलाका स्थित हासीमारा झोड़ा प्रोटेक्शन वॉल गिर गया है.
इसके साथ ही इस इलाके में सैकड़ों घरों पर खतरा मंडराने लगा है. पड़ोसी देश भूटान में भी पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसकी वजह से हासीमारा झोड़ा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है. इसका स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रोटेक्शन वॉल गिर गया.
अलीपुरद्वार नगरपालिका इलाके में भी बारिश की वजह से काफी परेशानी हो रही है. 6 नंबर वार्ड पूरी तरह जलमग्न हो गया है. फालाकाटा एवं कालचीनी ब्लॉक के विभिन्न इलाके भी जलमग्न हैं. बुधवार को अलीपुरद्वार के विधायक सौरभ चक्रवर्ती ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने बताया है कि विभिन्न नदियों के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हुई है. कई स्थानों पर नाव की व्यवस्था की गयी है.
और भी नाव की जरूरत पड़ने पर एसजेडीए की ओर से देने की व्यवस्था की जायेगी. प्रशासनिक अधिकारियों को उन्होंने तत्काल राहत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
मदारीहाट प्रतिनिधि ने बताया कि उत्तर खयेरबाड़ी के सोमवारे बाजार में वांगरी नदी में उफान से एक डंपर बह गया. बाद में जलस्तर कम होने पर क्रेन की मदद से डंपर को निकाला गया. चालक विमल उरांव को निकाल लिया गया है. उसे मामूली चोट आयी है.
गुस्साये लोगों ने किया सड़क जाम
बीरपाड़ा के विभिन्न इलाके पिछले सोमवार रात से लगातार बारिश के कारण जलमग्न हो गये हैं. इलाके में निकासी की व्यवस्था ठप होने को लेकर बीरपाड़ा के सेल्स टैक्स कार्यालय के पास भारत- भूटान सड़क पर इलाकावासियों ने पथावरोध किया. यह अवरोध सुबह 7 बजे से शुरू हुआ. बाद में बीरपाड़ा थाना पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ.
इस अवरोध के कारण स्कूली विद्यार्थियों से लेकर आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. इलाकावासियों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने से निकासी नाला का पानी घरों में घुस गया. जिससे घरों में खाना भी नहीं पकाया जा सका. सड़क पर पानी जमने से छेत्र के विधायक मनेज तिग्गा के घर का रास्ता भी जलमग्न रहा. लोगों का कहना है कि जबतक निकासी व्यवस्था का स्थायी समाधान नहीं होता तबतक प्रतिदिन पथावरोध किया जायेगा.
कूचबिहार : बमुश्किल डेढ़ मिनट के तूफान ने कूचबिहार एक नंबर ब्लॉक के पुंडीबाड़ी इलाके के चैतन्येर हाट में तबाही मचा दी. तूफान में करीब 50 घरों को नुकसान हुआ है. 150 से ज्यादा पेड़ टूट गये हैं. बिजली के तार टूट जाने से करीब 200 घरों में बिजली नहीं आ रही है.
स्थानीय निवासियों ने बताया कि मंगलवार करीब आधी रात को कुछ ही समय के लिए तूफान आया, लेकिन उसने तबाही मचा दी. बुधवार को सुबह होते ही राहत कार्य शुरू किया गया. स्थानीय प्रशासन को भी खबर दी गयी. इसके बाद बिजली के तारों की मरम्मत और सड़कों से पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया गया.
